
कानपुर में ‘दादी गैंग’ का खुलासा, रीवा से बच्चों को लाकर चौराहों पर मंगवाई जा रही भीख; सर्वे में बड़ा खुलासा
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में बच्चों से भीख मंगवाने वाले एक गिरोह का खुलासा हुआ है। सामाजिक कल्याण विभाग की स्माइल योजना के तहत कराए गए सर्वे में सामने आया है कि दादी की उम्र की कुछ महिलाएं मध्य प्रदेश के रीवा से बच्चों और बच्चियों को लाकर शहर के चौराहों पर भीख मंगवाने का काम कर रही हैं।
सर्वे के अनुसार कानपुर जिले में 858 भिखारी सक्रिय हैं। इनमें सबसे अधिक संख्या बच्चों और लड़कियों की है। रिपोर्ट में सामने आया है कि भीख मांगने वाले बच्चों और किशोर-किशोरियों में करीब 38 प्रतिशत रीवा से जुड़े हुए हैं। सर्वे टीम को कई चौराहों पर ऐसी महिलाएं दिखाई दीं, जो बच्चों से भीख मंगवा रही थीं।
बच्चे इन महिलाओं को कहते हैं दादी
जानकारी के अनुसार भीख मांगने वाले किशोर-किशोरियां इन महिलाओं को दादी कहकर बुलाते हैं। काफी संख्या में भिखारी जूही राखी मंडी क्षेत्र से जुड़े बताए गए हैं। आरोप है कि शाम के समय ये महिलाएं बच्चों से दिनभर की कमाई इकट्ठा कर उन्हें अपने साथ ले जाती हैं।
प्रशासन अब ऐसे बच्चों और भिखारियों को पनकी स्थित शेल्टर होम में पुनर्वासित करने की तैयारी कर रहा है। सर्वे की प्रक्रिया अभी भी जारी है।
13 से 16 साल की लड़कियां बच्चों को गोद में लेकर मांगती हैं भीख
सर्वे में यह भी सामने आया कि कानपुर में 13 से 16 साल की कई लड़कियां छोटे बच्चों को गोद में लेकर भीख मांगती हैं। ये लड़कियां बच्चों की मासूमियत और उनकी उम्र का सहारा लेकर लोगों से पैसे मांगती हैं। चौराहों पर जैसे ही वाहन रुकते हैं, ये सक्रिय हो जाती हैं।
बताया गया है कि रीवा से आने वाली कई लड़कियां शहर में किराए के कमरों में रह रही हैं और भीख मांगने के काम में लगी हैं।
शहर के इन इलाकों में सबसे ज्यादा सक्रिय बच्चे
सर्वे के मुताबिक कानपुर के कारगिल पार्क, कंपनी बाग, टाटमिल चौराहा, रेलवे स्टेशन और मरियमपुर क्षेत्र में बच्चों के भीख मांगने के मामले ज्यादा सामने आए हैं।
रिपोर्ट में भिखारियों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी में वे लोग हैं जिनके परिवार में पीढ़ियों से भीख मांगना जारी है। दूसरी श्रेणी में आर्थिक मजबूरी के कारण भीख मांगने वाले लोग हैं। वहीं तीसरी श्रेणी में वे लोग शामिल हैं जो डर या किसी के दबाव में आकर भीख मांग रहे हैं।
मंदिरों में दिन के हिसाब से बदलती है भीख मांगने वालों की संख्या
सर्वे में यह भी सामने आया कि मंदिरों में भीख मांगने वालों की संख्या विशेष दिनों में बढ़ जाती है। सोमवार को परमट, मंगलवार को पनकी, बुधवार को गणेश मंदिर, गुरुवार को बृहस्पति मंदिर और शनिवार को शनि मंदिर में भिखारियों की अधिक भीड़ देखी जाती है।
अलीगढ़ में सात महीने में 111 बच्चों को कराया गया मुक्त
वहीं अलीगढ़ में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग थाना पुलिस ने इस साल 111 बच्चों को फैक्ट्रियों और ढाबों से मुक्त कराया है। पुलिस ने इन बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की पहल की है। इसके अलावा आठ नाबालिग बेटियों की शादी भी समय रहते रुकवाई गई है।
मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सामने आए ये आंकड़े बच्चों को शोषण से बचाने की चुनौती को उजागर करते हैं।



