हरित जेल अभियान: जेलों में बनेंगी ‘पंचतत्व पौधशालाएं’, मेरठ जेल में लगाया शमी का पौधा
जेल में बनी शमी वाटिकाओं से जुड़ेगा आध्यात्म और पर्यावरण।
Meerut News: देशभर में पर्यावरण चेतना की अलख जगाने वाली वाटर वुमन शिप्रा पाठक अब जेलों को हरित बनाने के मिशन में जुट गई हैं। उनके नेतृत्व में चल रहे ‘हरित जेल अभियान’ के तहत शिप्रा पाठक गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर के बाद मेरठ जेल में पहुंचीं। जहां उन्होंने वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के साथ जेल परिसर में शमी का पौधा रोपित किया।
जेलों के कैदी बनेंगे पर्यावरण प्रहरी
अभियान की सबसे खास बात यह है कि अब जेलों के कैदी केवल सजा नहीं काटेंगे, बल्कि ‘पर्यावरण प्रहरी’ बनकर प्रकृति संरक्षण में अपनी भूमिका निभाएंगे। पंचतत्व संस्था द्वारा हर जेल में ‘पंचतत्व पौधशाला’ स्थापित की जा रही है, जहां कैदियों को पौधों की देखभाल और पर्यावरण संरक्षण का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिप्रा पाठक ने जेल भ्रमण के दौरान कैदियों से संवाद कर उन्हें प्रकृति के प्रति जागरूक किया और न्याय के देवता शनि को समर्पित शमी के पौधे का रोपण किया। इस अवसर पर जेल प्रशासन और बंदियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
एक सामाजिक परिवर्तन की पहल
शिप्रा पाठक का यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक परिवर्तन की पहल है। वे अब तक लगभग 13 हजार किलोमीटर की पदयात्रा कर चुकी हैं और अपनी संस्था पंचतत्व के माध्यम से 58 लाख से अधिक पौधे रोपित कर चुकी हैं। हर वर्ष पर्यावरण पखवाड़ा मनाने वाली शिप्रा पाठक ने पिछले वर्ष देश के 31 कुलपतियों के सहयोग से 51 सिंदूर वाटिकाएं स्थापित की थीं। इस वर्ष उनका फोकस जेलों में “शमी वाटिकाएं” विकसित करने पर है, जिससे आध्यात्मिकता और पर्यावरण का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।



