
नई दिल्ली: महिलाओं में पीरियड्स के दौरान होने वाली समस्याओं को अक्सर सामान्य मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन कई बार यही लक्षण किसी गंभीर बीमारी की चेतावनी भी साबित हो सकते हैं। इंग्लैंड की एक युवती के साथ ऐसा ही हुआ, जब लंबे समय तक हैवी पीरियड्स की समस्या को सामान्य समझने के बाद जांच में उसे ब्लड कैंसर होने का पता चला। समय रहते डॉक्टर के पास पहुंचने से उसकी जान बच गई।
19 वर्षीय कैथरीन हॉक्स को लंबे समय से अत्यधिक रक्तस्राव की समस्या थी। पढ़ाई के लिए घर से दूर रहने वाली कैथरीन को एक दिन अचानक बेहद कमजोरी महसूस हुई और वह बेहोश हो गई। इसके बाद उन्होंने डॉक्टर से परामर्श लेने का फैसला किया, जिसने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी।
ब्लड टेस्ट में सामने आई गंभीर बीमारी
शुरुआती जांच के लिए डॉक्टर ने उनका ब्लड टेस्ट कराया। कुछ ही घंटों बाद उन्हें अस्पताल पहुंचने की तत्काल सलाह दी गई। जांच में पता चला कि वह गंभीर एनीमिया से पीड़ित हैं और आगे की जांच में उनमें एक्यूट प्रोमायलोसाइटिक ल्यूकेमिया नामक ब्लड कैंसर की पुष्टि हुई।
विशेषज्ञों के अनुसार यह बीमारी तेजी से बढ़ने वाला रक्त कैंसर है, जिसमें बोन मैरो अत्यधिक मात्रा में अपरिपक्व श्वेत रक्त कोशिकाएं बनाने लगता है। इससे शरीर में सामान्य रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स का निर्माण प्रभावित हो जाता है।
हैवी पीरियड्स के साथ दिखे ये चेतावनी संकेत
डॉक्टरों के मुताबिक लगातार अत्यधिक रक्तस्राव, अत्यधिक थकान, चक्कर आना, बेहोशी महसूस होना, त्वचा का रंग बदलना, हाथ-पैरों पर असामान्य निशान या थक्के बनना, नाक और मसूड़ों से खून आना जैसे लक्षण गंभीर बीमारी की ओर इशारा कर सकते हैं।
कैथरीन ने भी शुरुआत में इन संकेतों को सामान्य समझा, लेकिन जब उनकी हालत लगातार बिगड़ने लगी तो उन्होंने चिकित्सकीय सहायता ली। जांच में उनके शरीर में श्वेत रक्त कोशिकाओं की संख्या सामान्य स्तर से कई गुना अधिक पाई गई।
समय पर इलाज से मिली नई जिंदगी
बीमारी की पुष्टि होने के बाद डॉक्टरों ने तुरंत उनका उपचार शुरू किया। उन्हें कैंसर विशेषज्ञ अस्पताल में भर्ती किया गया और कीमोथेरेपी दी गई। इलाज के दौरान उन्हें कई कठिन दौर से गुजरना पड़ा, यहां तक कि कुछ समय तक उनकी स्थिति बेहद गंभीर रही।
लगातार पांच महीने तक चले उपचार के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उनका इलाज सफल रहा है और बीमारी दोबारा होने की संभावना काफी कम हो गई है। हालांकि नियमित जांच जारी रखने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पीरियड्स में अचानक बदलाव दिखाई दे, अत्यधिक रक्तस्राव हो या इसके साथ असामान्य थकान, कमजोरी और बार-बार चक्कर आने जैसी समस्याएं हों, तो उन्हें सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और उपचार से गंभीर बीमारियों की पहचान संभव है और जीवन बचाया जा सकता है।



