उत्तर प्रदेशराज्य

असामान्य बारिश को लेकर अलर्ट! योगी सरकार ने कसी कमर, खरीफ सीजन से लेकर पशुधन सुरक्षा तक दिए सख्त निर्देश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मौसम की अनिश्चितता और असामान्य वर्षा की आशंका को देखते हुए योगी सरकार ने प्रदेशव्यापी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा के अंतर्गत आने वाले विभागों की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग पूरी तरह सतर्क रहें और हर संभावित स्थिति से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है, इसलिए किसानों को समय पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

खरीफ अभियान को मिशन मोड में चलाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने खरीफ 2026 अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि बुवाई, सिंचाई, बीज, उर्वरक, विद्युत आपूर्ति, फसली ऋण और कृषि संबंधी वैज्ञानिक सलाह किसानों तक समय पर पहुंचनी चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जिला स्तर पर विशेष कार्ययोजनाएं तैयार रखी जाएं।

बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ 2026 के लिए 110.65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फसल आच्छादन का लक्ष्य तय किया गया है। वहीं धान उत्पादन का लक्ष्य 224.25 लाख मीट्रिक टन और कुल खरीफ उत्पादन का लक्ष्य 302.62 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। 22 जून तक 5.88 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई और 4.06 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान नर्सरी का आच्छादन पूरा हो चुका है।

सूखा और अल्पवृष्टि से निपटने की तैयारी भी पूरी

संभावित सूखे या कम वर्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग ने आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की है। जरूरत पड़ने पर उर्द, मूंग, ज्वार, बाजरा, तिल समेत कम अवधि वाली फसलों के रकबे को बढ़ाया जाएगा। किसानों को विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए तकनीकी सलाह उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अधिकतम लाभ किसानों तक पहुंचाने और किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए ऋण वितरण बढ़ाने पर भी जोर दिया।

बीज और उर्वरकों की उपलब्धता पर विशेष फोकस

सरकार ने खरीफ सीजन के लिए अनुदान पर 2.29 लाख क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके मुकाबले 1.77 लाख क्विंटल बीज उपलब्ध कराया जा चुका है और 1.12 लाख क्विंटल से अधिक बीज किसानों तक पहुंचाया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी जिले में गुणवत्तापूर्ण बीज की कमी न होने पाए।

उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाए। कालाबाजारी या कृत्रिम कमी की शिकायत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश

उद्यान विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 125 हाईटेक नर्सरियों के माध्यम से 15 करोड़ सब्जी पौध तैयार की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने सिंचाई और लघु सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि नहरों का संचालन प्रभावी ढंग से किया जाए और अंतिम छोर तक पानी पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। कम सिंचाई वाले क्षेत्रों की पहचान कर विशेष रणनीति बनाने को भी कहा गया।

पशुधन संरक्षण के लिए व्यापक तैयारी

मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग को निर्देश दिए कि संभावित सूखे की स्थिति में पशुओं के लिए चारा, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश में 10 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। भूसा संग्रहण अभियान के तहत 131.40 लाख क्विंटल के लक्ष्य के मुकाबले 136.01 लाख क्विंटल भूसा संग्रहित किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य से अधिक है।

पशुओं के टीकाकरण अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं और मोबाइल वेटनरी यूनिट्स के जरिए चौबीसों घंटे चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने इन व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।

जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने पर जोर

पंचायती राज विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर पेयजल स्रोतों का संरक्षण, हैंडपंपों का रखरखाव, तालाबों का पुनर्जीवन और जनजागरूकता अभियान मिशन मोड में चलाए जाएं। उन्होंने जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे जन आंदोलन का स्वरूप देने पर बल दिया।

Related Articles

Back to top button