झारखण्डराज्य

सरकारी नौकरी के लिए बेटे ने रची खौफनाक साजिश! 10 लाख की सुपारी देकर कराई पिता की हत्या, सड़क हादसा दिखाने की कोशिश

धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने सरकारी नौकरी हासिल करने की लालच में अपने ही पिता की हत्या की साजिश रच डाली। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बेटे ने अपने पिता को रास्ते से हटाने के लिए दो लोगों को 10 लाख रुपये की सुपारी दी और हत्या के बाद मामले को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई।

पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतक के बेटे विजय चौहान समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अन्य आरोपियों की पहचान अमित सिंह और अखिलेश मल्लाह के रूप में हुई है।

पिता की मौत के बाद नौकरी पाने की थी योजना

धनबाद ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक एस. मोहम्मद याकूब के अनुसार, मृतक तुलेश्वर नोनिया भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) की बरोरा कोयला खदान में कार्यरत थे। उनकी सेवा अवधि के अभी करीब दो वर्ष शेष थे। जांच में सामने आया कि बेटा विजय चौहान अपने पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति के तहत स्थायी सरकारी नौकरी पाना चाहता था। इसी मकसद से उसने हत्या की साजिश रची।

शादी में जाने का बहाना बनाकर बनाया अलीबाई

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने खुद को संदेह से दूर रखने के लिए पहले से पूरी योजना तैयार की थी। उसने परिवार को बताया कि वह बिहार के औरंगाबाद में एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने जा रहा है और घर से निकल गया। इसी दौरान उसके दोनों साथियों ने योजना के अनुसार वारदात को अंजाम दिया।

मोटरसाइकिल पर बैठाकर सुनसान जगह ले गए

पुलिस के अनुसार, 19 जून की रात ड्यूटी खत्म होने के बाद अमित सिंह और अखिलेश मल्लाह ने तुलेश्वर नोनिया को मोटरसाइकिल पर बैठाया और एक सुनसान स्थान पर ले गए। वहां बड़े पत्थर से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई।

पहचान छिपाने के लिए चेहरा कुचला

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहचान मिटाने के इरादे से मृतक का चेहरा बुरी तरह कुचल दिया। इसके बाद हत्या को सड़क हादसा साबित करने के लिए शव को घसीटकर मुख्य सड़क पर फेंक दिया गया।

सीसीटीवी फुटेज ने खोला पूरा राज

मामले की जांच के दौरान एएमपी कोलियरी परिसर के सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लगे। फुटेज में तुलेश्वर नोनिया को अमित सिंह और अखिलेश मल्लाह के साथ एक ही मोटरसाइकिल पर जाते हुए देखा गया। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद पूरी साजिश का खुलासा हो गया।

सुपारी तय हुई, लेकिन एडवांस नहीं मिला

पुलिस का दावा है कि विजय चौहान ने हत्या के बदले अपने साथियों को 10 लाख रुपये देने का वादा किया था। हालांकि वारदात से पहले कोई अग्रिम राशि नहीं दी गई थी। पुलिस अब मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

एक आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी अखिलेश मल्लाह का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ कोयला और डीजल चोरी से जुड़े मामले दर्ज हैं और वह पूर्व में जेल भी जा चुका है।

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