अपराध

अयोध्या में राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश नाकाम, संदिग्ध आतंकी सुहैल गिरफ्तार

संदिग्ध आतंकी सुहैल की गिरफ्तारी के बाद गंगोह के कोटला मोहल्ले में दहशत का माहौल है।

Saharanpur News: अयोध्या में राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश रचने के आरोप में सहारनपुर के गंगोह निवासी संदिग्ध आतंकी मोहम्मद सुहैल को कर्नाटक से एटीएस और एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया है। वह बड़े भाई शुएब के साथ कर्नाटक में रंगाई-पुताई का काम करने गया था। संदिग्ध आतंकी सुहैल की गिरफ्तारी के बाद गंगोह के कोटला मोहल्ले में दहशत का माहौल है। सूचना के बाद से रिश्तेदारों का परिजनों से मिलने के लिए आना लगा है।
आजीविका मजदूरी और छोटे कार्यों पर निर्भर
संदिग्ध आतंकी सुहैल का परिवार गंगोह कस्बे के गांव लखनौती का है। 20 साल पहले पूरा परिवार गंगोह के कोटला मोहल्ले में आकर रहने लगा था। परिवार की आजीविका का साधन मजदूरी व छोटे-मोटे कार्यों है। संदिग्ध आतंकी सुहैल के पिता लियाकत ने बताया कि उनके 10 बच्चे हैं। जिनमें 6 बेटियां और चार बेटे हैं। बेटियों का निकाह हो चुका है।
बड़ा बेटा अयाज सऊदी में ड्राइवर
बड़ा बेटा अयाज सऊदी में ड्राइवर है। दूसरे नंबर का बेटा मुजम्मिल दिल्ली में हौजरी का काम करता है। तीसरे नंबर का बेटा शुएब है। जिसके साथ चौथे नंबर का सुहैल रंगाई-पुताई का काम करता है। छह जून को सुहैल अपने भाई शुएब के साथ ठेकेदार के माध्यम से रंगाई-पुताई का काम करने कर्नाटक गया। कर्नाटक में सुहैल को हिरासत में लेने की सूचना मिली है।
आतंकी गतिविधियों की नहीं जानकारी
पिता लियाकत ने बताया कि उन्हें बेटे के संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी नहीं है। जांच एजेंसियां फिलहाल सुहैल के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया एक्टविटी, ऑनलाइन संपर्कों सहित अन्य राज्यों में उसके संभावित नेटवर्क की जांच कर रही हैं। विभिन्न रिपोर्टों में उसके कथित संदिग्ध ऑनलाइन समूहों और विदेशी संपर्कों की जांच की बात सामने आई है। इन सभी बिंदुओं की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद हो सकेगी। गिरफ्तारी के बाद कोटला मोहल्ला में माहौल गरम है। स्थानीय लोग जांच पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। एनआईए और एटीएस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही हैं।
आधार में फर्जी तरीके से उम्र बढ़ाने का आरोप
राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश के मामले में गिरफ्तार सुहैल के भाई मुजम्मिल के मुताबिक, सुहैल की वास्तविक उम्र करीब 17 साल है। जबकि आधार कार्ड में अधिक कराई है। आरोप है कि गंगोह के मैटाडोर स्टैंड स्थित एक जनसेवा केंद्र पर आधार कार्ड में उम्र तीन साल अधिक कराई है। इसी संशोधित आधार कार्ड के आधार पर उसे काम के लिए कर्नाटक भेजा था। कंपनी 20 साल से कम उम्र वालों को नहीं लेती।

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