
अखिलेश यादव के 53वें जन्मदिन पर सियासत में दिखी सौहार्द की तस्वीर, सीएम योगी-मायावती समेत कई नेताओं ने दी शुभकामनाएं
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का 53वां जन्मदिन मंगलवार को पूरे प्रदेश में उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती समेत कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। प्रदेशभर में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने केक काटकर, पौधरोपण कर और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर अपने नेता का जन्मदिन मनाया।
सीएम योगी ने दी दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर संदेश जारी करते हुए अखिलेश यादव को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और मंगलमय जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री का यह संदेश राजनीतिक शिष्टाचार का उदाहरण माना जा रहा है।
मायावती ने भी दी जन्मदिन की बधाई
बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी अखिलेश यादव को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके अच्छे स्वास्थ्य, लंबी उम्र और परिवार के सुखद जीवन की कामना की। ऐसे समय में जब दोनों दलों के बीच पिछले चुनावों में तीखी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा और बयानबाजी देखने को मिली थी, सार्वजनिक रूप से दी गई यह बधाई राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
समर्थकों के लिए उत्सव के साथ राजनीतिक संकल्प का दिन
समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए यह दिन केवल जन्मदिन का आयोजन नहीं, बल्कि आगामी राजनीतिक चुनौतियों और वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के संकल्प का भी अवसर बना। प्रदेश के कई जिलों में कार्यकर्ताओं ने सामाजिक और जनसेवा से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया।
1973 में सैफई में हुआ था जन्म
अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई 1973 को इटावा जिले के सैफई गांव में हुआ था। परिवार में उन्हें ‘टीपू’ के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने मैसूर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के सिडनी विश्वविद्यालय से पर्यावरण इंजीनियरिंग में उच्च शिक्षा प्राप्त की।
38 साल की उम्र में बने थे सबसे युवा मुख्यमंत्री
वर्ष 2012 में महज 38 वर्ष की आयु में अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने। उनके कार्यकाल में आधारभूत ढांचे और जनकल्याण से जुड़ी कई परियोजनाओं की शुरुआत हुई। इनमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, लखनऊ मेट्रो, 108 एम्बुलेंस सेवा, विद्यार्थियों को नि:शुल्क लैपटॉप वितरण, साइकिल ट्रैक, दिव्यांगजनों को मोटर चालित ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराना और यूपी-100 पुलिस आपातकालीन सेवा जैसी योजनाएं प्रमुख रहीं।
2027 चुनाव से पहले तेज हुई राजनीतिक गतिविधियां
अखिलेश यादव का जन्मदिन ऐसे समय में आया है, जब प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। मुरादाबाद मंडल में संगठनात्मक हलचल बढ़ी हुई है। कांठ विधानसभा सीट से विधायक कमाल अख्तर के विधानमंडल के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफे के बाद क्षेत्र की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी चुनावी सक्रियता बढ़ा दी है।
2024 लोकसभा चुनाव में मिली थी बड़ी सफलता
वर्ष 2017 में सत्ता से बाहर होने के बाद अखिलेश यादव ने संगठन को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उनके नेतृत्व में समाजवादी पार्टी ने 37 सीटें जीतकर उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। पार्टी ने पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक सामाजिक समीकरण को अपनी चुनावी रणनीति का प्रमुख आधार बनाया।



