
नई दिल्ली: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के तहत गणना प्रपत्र जमा करने का चरण 17 अगस्त को समाप्त हो गया। अब 24 अगस्त को मसौदा मतदाता सूची जारी होने के बाद उन मतदाताओं को निर्वाचन आयोग की ओर से नोटिस भेजे जाएंगे, जिन्होंने गणना प्रपत्र तो जमा किया है, लेकिन उसमें वर्ष 2002 के एसआईआर का विवरण नहीं दिया है। ऐसे मतदाताओं को अपनी पात्रता साबित करने के लिए निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
दिल्ली में एसआईआर के दौरान किसी मतदाता को पुराना रिकॉर्ड नहीं मिलने, पता बदलने या किसी अन्य कारण से गणना प्रपत्र जमा करने में परेशानी हुई है तो उसके पास आगे भी दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका रहेगा। 24 अगस्त को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद 23 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। नए पते पर नाम दर्ज कराने के लिए इस दौरान फॉर्म-6 भी भरा जा सकेगा।
नोटिस मिलने पर देने होंगे जरूरी दस्तावेज
निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी ऐसे मतदाताओं को नोटिस जारी करेंगे, जिनका पिछला एसआईआर विवरण उपलब्ध नहीं है या उपलब्ध रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता। नोटिस मिलने के बाद मतदाता को अपनी श्रेणी के अनुसार मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। इसके लिए 12 तरह के दस्तावेजों को मान्य माना गया है।
इनमें केंद्र या राज्य सरकार तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के नियमित कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जारी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश, एक जुलाई 1987 से पहले भारत में सरकार, स्थानीय प्राधिकरण, बैंक, डाकघर, एलआईसी या सार्वजनिक उपक्रम की ओर से जारी पहचान पत्र, प्रमाणपत्र या अन्य दस्तावेज शामिल हैं।
इसके अलावा जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय का मैट्रिक प्रमाणपत्र, सक्षम राज्य प्राधिकारी का स्थायी निवास प्रमाणपत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र, ओबीसी, एससी, एसटी या अन्य जाति प्रमाणपत्र, जहां उपलब्ध हो वहां राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, राज्य या स्थानीय निकाय का पारिवारिक रजिस्टर तथा सरकार की ओर से जारी भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र भी दस्तावेज के तौर पर उपयोग किए जा सकते हैं। जरूरी निर्देशों के अनुसार आधार भी इसमें शामिल है।
फॉर्म जमा नहीं करने वालों को भी मिलेगा मौका
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक घर-घर सत्यापन और गणना प्रपत्र जमा करने का चरण खत्म होने का यह मतलब नहीं है कि संबंधित मतदाता हमेशा के लिए मतदाता सूची से बाहर हो जाएगा। मसौदा सूची जारी होने के बाद दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान ऐसे मतदाता अपना नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
नए आवेदन मिलने के बाद निर्वाचन आयोग की ओर से उनका सत्यापन किया जाएगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद 27 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
रोहिणी में सबसे ज्यादा, तुगलकाबाद में सबसे कम फॉर्म
एसआईआर के दौरान रोहिणी क्षेत्र में सबसे ज्यादा 83.43 प्रतिशत यानी 1,25,478 मतदाताओं के गणना प्रपत्र जमा हुए। वहीं तुगलकाबाद में सबसे कम 52.15 प्रतिशत प्रपत्र जमा किए गए। ओखला में 54.67 प्रतिशत और आरके पुरम में 55.54 प्रतिशत मतदाताओं ने फॉर्म जमा किए।
क्षेत्रवार आंकड़ों में दक्षिण दिल्ली में सबसे कम 56.32 प्रतिशत मतदाताओं के गणना प्रपत्र जमा हुए। इसके विपरीत उत्तरी दिल्ली में सबसे ज्यादा 75.68 प्रतिशत फॉर्म जमा किए गए।
47.62 लाख मतदाताओं के नाम मसौदा सूची से बाहर
दिल्ली में कुल 1,45,10,299 मतदाता हैं। इनमें से 97,47,879 मतदाताओं ने गणना प्रपत्र जमा कराया है। वहीं 47,62,420 मतदाताओं के प्रपत्र जमा नहीं हुए हैं। ऐसे मतदाताओं के नाम 24 अगस्त को जारी होने वाली मसौदा मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाएंगे।
अधिकारियों के अनुसार अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरे नाम वाले मतदाताओं के कारण भी बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं। मसौदा सूची प्रकाशित होने के बाद 24 अगस्त से 23 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी।
24 अगस्त के बाद शुरू होगा अगला चरण
एसआईआर की प्रक्रिया में अब मसौदा मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद दावे और आपत्तियां लेने का चरण शुरू होगा। जिन मतदाताओं का नाम मसौदा सूची में नहीं है, वे निर्धारित अवधि में अपनी आपत्ति या दावा दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद जांच और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर 27 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।



