स्वास्थ्य

मानसून में वायरल संक्रमण का बढ़ा खतरा! डॉक्टर ने बताए बचाव के आसान उपाय, इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज

नई दिल्ली: बारिश का मौसम राहत लेकर आता है, लेकिन इसके साथ वायरल संक्रमण, सर्दी-जुकाम, बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ जाता है। इस दौरान एक संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बीमारी तेजी से दूसरे लोगों तक फैल सकती है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते सावधानी बरतकर संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून में मौसम में लगातार बदलाव और कमजोर प्रतिरक्षा क्षमता के कारण वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण के मामले बढ़ जाते हैं। वायरल संक्रमण होने पर आमतौर पर सर्दी, जुकाम, गले में खराश और हल्का से मध्यम बुखार जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। अधिकांश मामलों में यह संक्रमण 3 से 10 दिनों के भीतर स्वतः ठीक हो जाता है।

हालांकि यदि तेज बुखार, गले में अत्यधिक दर्द, ज्यादा कमजोरी या लंबे समय तक परेशानी बनी रहे तो यह बैक्टीरियल संक्रमण का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि बैक्टीरियल संक्रमण का उपचार दवाओं के जरिए किया जाता है।

वायरल संक्रमण से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय

बारिश के मौसम में शरीर को पर्याप्त मात्रा में हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है। दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और गुनगुने पानी का सेवन करें। गुनगुने नमक वाले पानी से गरारे करने से गले के संक्रमण का खतरा कम किया जा सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में घर का ताजा और संतुलित भोजन करें तथा बाहर मिलने वाले खुले खाद्य पदार्थों से बचें। अदरक जैसी प्राकृतिक चीजों को भोजन में शामिल करना भी लाभकारी माना जाता है। नियमित व्यायाम, रोजाना टहलना और संतुलित आहार प्रतिरक्षा क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

यदि आसपास किसी व्यक्ति को सर्दी-जुकाम या वायरल संक्रमण है तो उससे उचित दूरी बनाए रखें। हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें, जरूरत पड़ने पर सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें और संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाएं।

मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों से भी रहें सतर्क

विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें, मच्छर भगाने वाली क्रीम या अन्य सुरक्षित उपायों का उपयोग करें और रात में मच्छरदानी लगाकर सोएं।

घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें, क्योंकि यही मच्छरों के पनपने का सबसे बड़ा कारण बनता है। यदि तेज बुखार, शरीर में दर्द या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

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