भारत के खिलाफ नई ‘नैरेटिव वॉर’ की तैयारी? लीक रिपोर्ट्स में पाकिस्तान की रणनीति का दावा, सोशल मीडिया से वैश्विक मंच तक फोकस

नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर और सिंधु जल संधि को लेकर भारत के सख्त रुख के बाद पाकिस्तान कथित तौर पर भारत के खिलाफ एक नई “नैरेटिव वॉर” की रणनीति तैयार कर रहा है। सूत्रों और कथित तौर पर लीक हुई रिपोर्ट्स के हवाले से दावा किया गया है कि पाकिस्तान की सैन्य प्रतिष्ठान सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और अंतरराष्ट्रीय मंचों के जरिए भारत के खिलाफ माहौल बनाने की योजना पर काम कर रही है।
भारत से जुड़े मुद्दों को वैश्विक स्तर पर उठाने की तैयारी
रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान की रणनीति पंजाब, जम्मू-कश्मीर और अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के खिलाफ वैकल्पिक नैरेटिव तैयार करने की है। इसके लिए देश और विदेश में विभिन्न कार्यक्रमों, मीडिया अभियानों और प्रचार गतिविधियों की रूपरेखा तैयार किए जाने का भी दावा किया गया है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बदला फोकस
सूत्रों के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की सेना और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर घरेलू स्तर पर अपने पक्ष में माहौल बनाने में कुछ हद तक सफल रहे। इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किए जाने के फैसले को भी पाकिस्तान ने अपनी कूटनीतिक सक्रियता के तौर पर प्रस्तुत किया।
हालांकि, भारत द्वारा सिंधु जल संधि को प्रभावी रूप से स्थगित किए जाने के बाद पाकिस्तान पर नया दबाव बना है। दावा किया जा रहा है कि इसी के जवाब में अब सूचना और प्रचार के मोर्चे पर नई रणनीति तैयार की जा रही है।
मीडिया और सोशल मीडिया अभियान पर रहेगा जोर
सूत्रों के अनुसार, कथित तौर पर डीजी-आईएसपीआर से जुड़े लीक निर्देशों में मीडिया प्रतिनिधियों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के साथ बैठक कर भारत से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की रणनीति साझा की गई। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि खालिस्तान, जम्मू-कश्मीर और अल्पसंख्यकों से जुड़े विषयों को अधिक प्रचारित करने पर जोर दिया गया, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के खिलाफ वैकल्पिक नैरेटिव तैयार किया जा सके।
भारत की चुनौतियों को उभारने की भी रणनीति का दावा
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान के कुछ मीडिया संस्थानों से भारत की आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, भारतीय विपक्ष के नेताओं द्वारा सरकार की आलोचना को लोकतांत्रिक बहस के बजाय राजनीतिक अस्थिरता के संकेत के रूप में वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने की रणनीति अपनाने का भी दावा किया गया है।
पहले भी लगते रहे हैं ऐसे आरोप
विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान लंबे समय से भारत के खिलाफ सूचना और प्रचार आधारित अभियानों का सहारा लेता रहा है। भारत लगातार आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान आतंकवाद, दुष्प्रचार और अलगाववादी गतिविधियों के जरिए देश को अस्थिर करने की कोशिश करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, 1971 के युद्ध के बाद से दोनों देशों के बीच पारंपरिक सैन्य संघर्ष के साथ-साथ सूचना युद्ध भी रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का अहम हिस्सा रहा है। हालिया घटनाक्रमों के बीच एक बार फिर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और नैरेटिव स्तर पर टकराव तेज होने की संभावना जताई जा रही है।



