उत्तराखंड

धामी सरकार के 5 साल: खेल विश्वविद्यालय से जमरानी बांध तक, नैनीताल में विकास की बड़ी तस्वीर, कई दशकों के इंतजार को मिला नया मुकाम

हल्द्वानी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पांच वर्षीय कार्यकाल के दौरान नैनीताल जिले में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं ने जमीन पर आकार लेना शुरू किया है। पर्यटन के लिए पहचान रखने वाले इस जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, पेयजल और आधारभूत ढांचे से जुड़ी योजनाओं को गति मिली है। इनमें सबसे बड़ी उपलब्धियों में राज्य के पहले खेल विश्वविद्यालय का साकार होना और लंबे समय से प्रतीक्षित जमरानी बांध परियोजना की नींव पड़ना शामिल है।

कुमाऊं क्षेत्र का प्रमुख जिला नैनीताल लगातार बढ़ती आबादी और विस्तारित होते शहरी क्षेत्रों के कारण नई सुविधाओं और संसाधनों की मांग का केंद्र रहा है। पहाड़ी इलाकों से हुए पलायन के बाद तराई-भाबर क्षेत्र में आबादी तेजी से बढ़ी, जिसके चलते विकास योजनाओं की आवश्यकता भी बढ़ती गई। इसी क्रम में विभिन्न क्षेत्रों में शुरू की गई परियोजनाएं अब परिणाम देने लगी हैं।

राज्य का पहला खेल विश्वविद्यालय शुरू करने की तैयारी

राष्ट्रीय खेलों के दौरान उत्तराखंड को खेलों की नई पहचान दिलाने की परिकल्पना अब वास्तविकता बन चुकी है। हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में स्थापित राज्य का पहला खेल विश्वविद्यालय इस वर्ष से तीन पाठ्यक्रमों के साथ औपचारिक रूप से संचालन शुरू करने जा रहा है। इससे प्रदेश के खिलाड़ियों और विद्यार्थियों को खेल शिक्षा के क्षेत्र में अकादमिक अवसर मिलेंगे और क्रीड़ा आधारित करियर का नया रास्ता खुलेगा।

50 साल पुरानी योजना को मिला धरातल

हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते पेयजल संकट को देखते हुए वर्ष 1975 में जमरानी बांध परियोजना की अवधारणा तैयार की गई थी। हालांकि विभिन्न प्रक्रियाओं के चलते इस योजना को आगे बढ़ने में करीब पांच दशक का समय लग गया। पिछले वर्ष इस बहुप्रतीक्षित परियोजना की आधारशिला रखी गई। माना जा रहा है कि यह योजना आने वाले तीन दशकों से अधिक समय तक हल्द्वानी समेत उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों को भी लाभ पहुंचाएगी।

इसके साथ ही क्षेत्र में पुरानी और जर्जर पेयजल लाइनों की समस्या के समाधान के लिए नई पाइपलाइनें बिछाने और आधुनिक फिल्टर प्लांट स्थापित करने का कार्य भी शुरू हो चुका है। फरवरी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन परियोजनाओं का शिलान्यास किया था। इनके पूरा होने पर पेयजल आपूर्ति व्यवस्था अधिक प्रभावी होगी और पानी की बर्बादी पर भी रोक लगेगी।

हेली सेवाओं से बढ़ी कनेक्टिविटी

राज्य में पर्यटन और सुगम आवागमन को बढ़ावा देने के लिए हेली सेवाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है। गौलापार में विकसित हेलीपैड से देहरादून, पिथौरागढ़, नौकुचियाताल, बागेश्वर समेत विभिन्न क्षेत्रों के लिए नियमित हेलीकॉप्टर सेवाओं का संचालन किया जा रहा है। इससे पर्यटन गतिविधियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आवाजाही भी आसान हुई है।

छात्राओं के लिए छात्रावास और नए शैक्षणिक ढांचे पर फोकस

एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी में स्थापना के 66 वर्ष बाद पहली बार छात्रावास का निर्माण कराया गया है। यह सुविधा दूरदराज क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं के लिए तैयार की गई है। वहीं महिला महाविद्यालय में नए भवन का निर्माण कार्य जारी है, जिससे अतिरिक्त पाठ्यक्रमों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा।

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में 14 विद्याशाखाओं के लिए नए भवन और एक बड़े परीक्षा भवन का निर्माण किया गया है। इसके अलावा कुमाऊं विश्वविद्यालय पीएम-ऊषा योजना के तहत 45 करोड़ रुपये की लागत से बीएड और विधि संकाय भवनों का निर्माण करा रहा है। जिले के अन्य महाविद्यालयों में भी परीक्षा भवन विकसित किए जा रहे हैं।

पार्किंग परियोजनाओं से जाम की समस्या पर फोकस

पर्यटन सीजन के दौरान नैनीताल जिले में पार्किंग की कमी बड़ी चुनौती बनती रही है। इसे देखते हुए नैनीताल के मैट्रोपोल और तल्लीताल क्षेत्र, भवाली, रामनगर तथा कैंची धाम में पार्किंग निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पर्यटकों को सुविधा मिलेगी और सड़कों पर वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग से होने वाले जाम में कमी आने की उम्मीद है।

जिले में पूरी हुईं प्रमुख परियोजनाएं

नैनीताल जिले में हाल के वर्षों में कई विकास कार्य पूरे किए गए हैं। 2.33 करोड़ रुपये की लागत से जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी कार्यालय और जिला औषधि भंडार का निर्माण किया गया। 1.02 करोड़ रुपये से कालाढूंगी में पशु चिकित्सालय भवन बनाया गया। हल्द्वानी पशु चिकित्सालय में 1.16 करोड़ रुपये की लागत से ऑपरेशन कक्ष और पार्किंग का निर्माण हुआ। रामनगर राजकीय पॉलिटेक्निक में 15 करोड़ रुपये से मुख्य भवन तैयार कराया गया। 19 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड क्षमता वाला क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाया गया, जबकि भवाली में 90 लाख रुपये से पर्यटक आवास गृह का मरम्मत और उन्नयन कार्य पूरा किया गया।

कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम जारी

जिले में अनेक विकास परियोजनाओं पर अभी भी काम जारी है। नैनीताल में 3.59 करोड़ रुपये की लागत से डीएसए मैदान का विस्तार और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। राजकीय पॉलिटेक्निक कोटाबाग में 9.84 करोड़ रुपये की लागत से भवन निर्माण कार्य चल रहा है। धानाचूली स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के लिए 1.09 करोड़ रुपये से नया भवन बनाया जा रहा है। भीमताल में 1.80 करोड़ रुपये की लागत से पार्किंग स्थल विकसित किया जा रहा है। बेतालघाट ब्लॉक के दूनीखाल से रातीघाट तक 9.63 करोड़ रुपये की लागत से सड़क और प्री-स्ट्रेस पुल का निर्माण जारी है। वहीं 8.19 करोड़ रुपये से पंगोट-देचौरी मार्ग के पुनर्निर्माण का कार्य भी प्रगति पर है।

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