
महासमुंद: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच बड़ा हादसा टल गया। खल्लारी थाना क्षेत्र के जोगीडीपा गांव में बगनाई नाला उफान पर आने से पुल निर्माण कार्य में लगे 14 मजदूर चारों ओर से पानी में फंस गए। सूचना मिलने के बाद नगर सेना की रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बारिश के बाद अचानक बढ़ा जलस्तर
जानकारी के अनुसार, जोगीडीपा गांव में बगनाई नाला पर पुल निर्माण का कार्य चल रहा है। निर्माण एजेंसी के 14 मजदूर कार्यस्थल के पास खेत में बनी अस्थायी झोपड़ी में रह रहे थे। शनिवार रात से लगातार हो रही बारिश के कारण नाले का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और कुछ ही देर में झोपड़ी चारों ओर से पानी से घिर गई। तेज बहाव के कारण मजदूर बाहर नहीं निकल सके।
डायल-112 पर सूचना मिलते ही शुरू हुआ बचाव अभियान
बताया गया कि बाढ़ जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से जिला और तहसील स्तर पर संपर्क नंबर जारी किए गए थे, लेकिन केंद्रीय हेल्पलाइन नंबर बंद मिला। वहीं, तहसील स्तर पर तैनात अधिकारी भी रात के समय उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में मजदूरों ने अपने ठेकेदार से संपर्क किया। ठेकेदार ने डायल-112 पर सूचना दी, जिसके बाद नगर सेना की रेस्क्यू टीम तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों की मदद से सभी को निकाला गया
रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा उपकरणों और रस्सियों की सहायता से एक-एक कर सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। पूरे अभियान के दौरान विशेष सावधानी बरती गई, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। बचाए गए मजदूरों में 10 पुरुष और 4 महिलाएं शामिल हैं। सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। राहत की बात यह रही कि किसी भी मजदूर को गंभीर चोट नहीं आई।
प्रशासन ने जारी की सतर्कता की अपील
लगातार बारिश के कारण जिले की कई नदी-नालियां उफान पर हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है। साथ ही किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल स्थानीय प्रशासन या पुलिस को देने की सलाह दी गई है।
सभी विभागों को अलर्ट पर रहने के निर्देश
प्रशासन ने संबंधित विभागों को लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को समय रहते रोका जा सके।



