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बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा विवाद में बड़ा एक्शन! अध्यक्ष के निजी सचिव सस्पेंड, CCTV फुटेज के बाद 48 घंटे में मांगा जवाब

देहरादून: उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों के बीच बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने कमेटी अध्यक्ष के निजी सचिव और आरोपी प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 48 घंटे के भीतर लिखित जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।

मंदिर समिति की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, 2 जुलाई 2026 को मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गई। जांच के दौरान सामने आया कि थाली भेंट गणना के दौरान सामान्य प्रक्रिया से अलग प्रमोद नौटियाल ने कुछ वस्तुएं अपने मोबाइल के साथ अपने पास रख ली थीं। समिति का दावा है कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है और उसी के आधार पर आरोपी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मांगी गई सफाई

समिति ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया है कि सीसीटीवी में दर्ज गतिविधियों के आधार पर आरोपी से पूछा गया है कि उन्होंने अपने पास कौन-कौन सी वस्तुएं रखी थीं। इसके लिए 48 घंटे की समयसीमा तय की गई है, ताकि वह लिखित रूप में अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकें।

सफाई नहीं देने पर होगी कानूनी कार्रवाई

मंदिर समिति का कहना है कि थाली भेंट गणना की निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत कोई भी गतिविधि स्वीकार्य नहीं है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर बनी तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति

बद्रीनाथ धाम में दान और चढ़ावे से जुड़े विवाद को गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड सरकार ने भी जांच तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। इस समिति की अध्यक्षता गढ़वाल मंडल के आयुक्त करेंगे, जबकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान को सदस्य बनाया गया है।

15 दिन में सरकार को सौंपी जाएगी जांच रिपोर्ट

पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, गठित समिति मंदिर में मिलने वाले दान और चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करेगी। समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपनी होगी। जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ या संबंधित व्यक्ति की राय और सहयोग लिया जा सकेगा। साथ ही दान-चढ़ावा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए सुधार संबंधी सुझाव भी दिए जाएंगे।

हिंदू संगठन के आरोपों के बाद तेज हुई जांच

बता दें कि 3 जुलाई को एक हिंदू संगठन ने बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोप लगाए थे। इसके बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष ने पहले ही चार सदस्यीय प्रारंभिक जांच समिति का गठन कर दिया था। यह समिति बद्रीनाथ मंदिर पहुंचकर जांच शुरू कर चुकी है। प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद शासन स्तर पर गठित नई उच्च स्तरीय समिति पूरे मामले की विस्तृत और गहन जांच को आगे बढ़ाएगी।

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