उत्तर प्रदेशराज्य

काशी से सीएम योगी ने शुरू की ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’, 12 लाख शिक्षकों और परिवारों को मिलेगा बड़ा लाभ

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी से ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत प्रदेश के करीब 12 लाख शिक्षक, शिक्षणेतर कर्मचारी और उनके परिवारों को आयुष्मान कार्ड की तर्ज पर कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी।

बड़ालालपुर स्थित ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने योजना की औपचारिक शुरुआत करते हुए प्रतीकात्मक रूप से 15 लाभार्थियों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड भी वितरित किए। इनमें शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइये शामिल रहे।

इन शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलेगा योजना का लाभ

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के राजकीय, सहायता प्राप्त और अनुदानित विद्यालयों के शिक्षकों, विशेष शिक्षकों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की वार्डेन, पूर्णकालिक एवं अंशकालिक शिक्षकों, व्यावसायिक शिक्षा के विषय विशेषज्ञों तथा अन्य पात्र शिक्षण और शिक्षणेतर कर्मचारियों को मिलेगा।

1.10 करोड़ विद्यार्थियों के खातों में भेजे गए 1200 रुपये

इसी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के करीब 1.10 करोड़ परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 1200 रुपये की सहायता राशि भी हस्तांतरित की।

यह धनराशि विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूते, मोजे, स्वेटर और स्टेशनरी जैसी आवश्यक शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए उपलब्ध कराई गई है, ताकि उन्हें अपनी जरूरत के अनुसार सामग्री खरीदने में सुविधा मिल सके।

शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा को भी मिली मजबूती

कार्यक्रम में शिक्षकों और संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई। बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच करीब 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) किया गया।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने ‘स्वच्छ हरित विद्यालय पुरस्कार’ के तहत चयनित प्रदेश के 12 प्रधानाचार्यों को सम्मानित कर प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए।

शिक्षा और छात्र कल्याण पर सरकार का फोकस

कार्यक्रम के दौरान सरकार ने दोहराया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना भी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता और शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा जैसी योजनाओं को लागू किया गया है।

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