भारतीय अर्थव्यवस्था की बढ़ेगी वैश्विक ताकत! अनुमान- 2075 तक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनेगा भारत

नई दिल्ली: वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, कोरोना महामारी और अंतरराष्ट्रीय तनावों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल बनी हुई है। विभिन्न वैश्विक आकलनों के अनुसार, आने वाले दशकों में भारत की आर्थिक रफ्तार और मजबूत होने की संभावना है। इसी क्रम में गोल्डमैन सैक्स के अनुमान, जिन्हें वर्ल्ड ऑफ स्टेटिस्टिक्स ने साझा किया है, बताते हैं कि वर्ष 2075 तक भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।
2075 तक 52.5 ट्रिलियन डॉलर की हो सकती है भारतीय अर्थव्यवस्था
गोल्डमैन सैक्स के अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2075 तक भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 52.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। इस अनुमान के अनुसार भारत मौजूदा समय की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को पीछे छोड़ते हुए वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर पहुंच जाएगा।
अमेरिका को पीछे छोड़ने का अनुमान
आर्थिक अनुमान के अनुसार, वर्ष 2075 तक अमेरिका की अर्थव्यवस्था का आकार 51.5 ट्रिलियन डॉलर रहने का अनुमान है। इस तरह भारत अमेरिकी अर्थव्यवस्था से लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर आगे निकल सकता है और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की स्थिति में पहुंच सकता है।
पहले स्थान पर चीन के बने रहने का अनुमान
अनुमानों के अनुसार, चीन वर्ष 2075 में भी दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना रह सकता है। रिपोर्ट में चीन की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 57 ट्रिलियन डॉलर रहने का अनुमान जताया गया है, जिससे वह वैश्विक आर्थिक रैंकिंग में पहले स्थान पर बना रह सकता है।
ब्रिटेन और जापान टॉप-10 से हो सकते हैं बाहर
गोल्डमैन सैक्स के अनुमान में यह भी कहा गया है कि भविष्य में वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन और जापान जैसी मौजूदा प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं वर्ष 2075 तक दुनिया की शीर्ष 10 अर्थव्यवस्थाओं की सूची से बाहर हो सकती हैं। वहीं, रूस और फ्रांस की रैंकिंग में भी गिरावट आने का अनुमान है।
2075 की संभावित टॉप-10 अर्थव्यवस्थाएं
वर्ल्ड ऑफ स्टेटिस्टिक्स द्वारा साझा किए गए अनुमान के अनुसार, वर्ष 2075 में दुनिया की शीर्ष 10 अर्थव्यवस्थाओं की सूची में पहले स्थान पर चीन, दूसरे स्थान पर भारत और तीसरे स्थान पर अमेरिका रह सकते हैं। इसके बाद इंडोनेशिया, नाइजीरिया, पाकिस्तान, मिस्र, ब्राजील, जर्मनी और मेक्सिको के शामिल रहने का अनुमान जताया गया है।



