‘हर दिन महसूस होता है अकेलापन…’ शहनाज गिल का छलका दर्द, बोलीं- बॉलीवुड में नहीं हैं खास दोस्त, संघर्ष ने बनाया मजबूत

नई दिल्ली: अभिनेत्री शहनाज गिल ने अपने निजी जीवन, करियर, रिश्तों और फिल्म इंडस्ट्री में अपने अनुभवों को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगभग हर दिन अकेलेपन का एहसास होता है, लेकिन वह इसे कमजोरी नहीं बल्कि खुद को समझने और मानसिक रूप से मजबूत बनने का अवसर मानती हैं। शहनाज का कहना है कि जीवन में लोगों का आना-जाना स्वाभाविक है, इसलिए हर व्यक्ति को खुद के साथ जीना सीखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अकेले बिताया गया समय आत्ममंथन का अवसर देता है। इसी दौरान व्यक्ति अपने फैसलों, लक्ष्यों और भविष्य को बेहतर तरीके से समझ पाता है। उनके मुताबिक, जीवन की चुनौतियां और मानसिक दबाव इंसान को पहले से ज्यादा परिपक्व और मजबूत बनाते हैं।
बॉलीवुड में नहीं हैं ज्यादा दोस्त
फिल्म इंडस्ट्री में रिश्तों को लेकर शहनाज गिल ने साफ कहा कि उनके बहुत अधिक दोस्त नहीं हैं। उनका मानना है कि हर रिश्ता हमेशा कायम नहीं रहता और कई बार यह समझना मुश्किल होता है कि वास्तव में कौन अपना है। इसी वजह से वह अब सीमित लोगों पर ही भरोसा करती हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले अनुभवों ने उन्हें रिश्तों के प्रति अधिक व्यावहारिक बना दिया है।
रिश्तों में सम्मान और भरोसा सबसे जरूरी
प्यार और रिश्तों पर अपनी सोच साझा करते हुए शहनाज ने कहा कि किसी भी रिश्ते की असली नींव विश्वास, सम्मान और हर परिस्थिति में एक-दूसरे का साथ देना है। उनके अनुसार, सिर्फ साथ होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि एक-दूसरे को समझना और सम्मान देना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई उनके भरोसे या भावनाओं का गलत फायदा उठाने की कोशिश करता है तो वह ऐसी स्थिति में उचित फैसला लेने से पीछे नहीं हटतीं।
हर फिल्म नहीं, अच्छी कहानी वाली फिल्मों को देती हैं प्राथमिकता
अपने अभिनय करियर को लेकर शहनाज गिल ने कहा कि वह केवल मजबूत कहानी और दमदार किरदार वाली फिल्मों का हिस्सा बनना चाहती हैं। उनके लिए सिर्फ व्यस्त रहना या हर प्रस्ताव स्वीकार करना प्राथमिकता नहीं है। वह ऐसे प्रोजेक्ट चुनना चाहती हैं जो एक कलाकार के रूप में उनकी पहचान को और मजबूत करें।
रिजेक्शन को मानती हैं सीखने का अवसर
शहनाज का कहना है कि असफलता और रिजेक्शन किसी भी कलाकार के सफर का स्वाभाविक हिस्सा हैं। वह इन्हें निराशा की बजाय सीखने का मौका मानती हैं। आलोचना को भी वह सकारात्मक नजरिए से स्वीकार करती हैं और लगातार खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करती हैं।
फेम से ज्यादा अच्छे काम को देती हैं महत्व
भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए शहनाज गिल ने कहा कि वह ऐसे निर्देशकों के साथ काम करना चाहती हैं जो मजबूत कहानियों और बेहतरीन अभिनय पर आधारित फिल्में बनाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोकप्रियता हमेशा स्थायी नहीं होती और उन्हें इस बात का डर नहीं है कि कभी उनका फेम कम हो सकता है। उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण ईमानदारी से काम करना, लगातार सीखते रहना और दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतरना है।



