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मानसून सत्र में परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक पर सरकार का फोकस, दो-तिहाई बहुमत के लिए सहयोगी दलों से तेज हुई बातचीत

नई दिल्ली: आगामी मानसून सत्र में परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयकों को पारित कराने के लिए केंद्र सरकार ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। संसद में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत सुनिश्चित करने के लिए सरकार विभिन्न विपक्षी दलों से समर्थन जुटाने की कवायद में जुटी है। सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में इंडिया गठबंधन से अलग हुए दलों सहित कई गैर-कांग्रेसी पार्टियों से प्रत्यक्ष और परोक्ष समर्थन को लेकर बातचीत जारी है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार ने विपक्षी दलों को तीन श्रेणियों में बांटकर रणनीति तैयार की है। पहली श्रेणी में वे दल हैं जो विधेयक का खुलकर विरोध कर सकते हैं। दूसरी श्रेणी में ऐसे दल हैं जिनसे समर्थन मिलने की संभावना है, जबकि तीसरी श्रेणी में उन दलों को रखा गया है जो मतदान के दौरान अनुपस्थित रह सकते हैं।

इन दलों के समर्थन पर सरकार की नजर

सूत्रों का कहना है कि प्रत्यक्ष समर्थन के लिए द्रमुक, वाईएसआर कांग्रेस और शरद पवार गुट की एनसीपी (एसपी) से बातचीत चल रही है। बताया जा रहा है कि इन दलों की कुछ मांगों पर भी सरकार विचार कर रही है। यदि सदन की पुरानी संख्या के अनुसार स्थिति बनी रहती है तो सरकार को दो-तिहाई बहुमत के लिए अतिरिक्त 54 मतों की आवश्यकता होगी, जबकि वर्तमान राजनीतिक समीकरणों के अनुसार यह संख्या करीब 60 तक पहुंच सकती है।

संसद में कैसे सधेगा गणित?

तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों के एनसीपीआई में शामिल होने और शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में जाने के बाद संसदीय गणित में बदलाव आया है। ऐसे में सरकार को पहले की तुलना में कम अतिरिक्त मतों की जरूरत पड़ सकती है।

सूत्रों के मुताबिक, यदि द्रमुक के 22, एनसीपी (एसपी) के 8 और वाईएसआर कांग्रेस के 4 सांसद विधेयक के पक्ष में मतदान करते हैं तो सरकार के लिए आवश्यक बहुमत हासिल करना आसान हो जाएगा। इसके अलावा पूर्वोत्तर के कुछ छोटे दलों का समर्थन भी सरकार को मिलने की बात कही जा रही है।

मतदान से दूरी बनवाने की भी तैयारी

यदि कुछ दल प्रत्यक्ष समर्थन देने को तैयार नहीं होते हैं तो सरकार उन्हें मतदान से दूर रहने के लिए राजी करने की कोशिश करेगी। सूत्रों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के कुछ सांसदों, शिरोमणि अकाली दल, निर्दलीय सांसदों और विपक्ष के असंतुष्ट सांसदों से भी इस संबंध में संपर्क साधा जा रहा है।

सत्र के दौरान तय होगी अंतिम रणनीति

सरकारी सूत्रों के अनुसार, मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों के साथ बातचीत का सिलसिला जारी रहेगा और परिस्थितियों के अनुसार अंतिम रणनीति तय की जाएगी। सरकार की योजना अगले महीने के पहले सप्ताह में परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक संसद में पेश करने की है।

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