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ईरान का बड़ा पलटवार! बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भीषण हमले का दावा, होर्मुज जलसंधि पर भी सख्त चेतावनी

वाशिंगटन: अमेरिका की ओर से बुधवार को किए गए लगातार दो बड़े हवाई हमलों के बाद ईरान ने कड़ा जवाब देने का दावा किया है। तेहरान का कहना है कि गुरुवार को बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया गया। इस दावे के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।

ईरानी सैन्य अधिकारियों और सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह कार्रवाई अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के जवाब में की गई। ईरान के शक्तिशाली सैन्य संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहेबी ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान इस संघर्ष को अपनी रणनीति के अनुसार आगे बढ़ाएगा और उसका सैन्य अभियान खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ढांचे और ठिकानों को निशाना बनाने पर केंद्रित है।

आईआरजीसी ने दी आगे और कार्रवाई की चेतावनी

आईआरजीसी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अमेरिका यह भूल न करे कि वह संघर्ष को अपनी शर्तों पर लंबा खींच सकता है। संगठन का दावा है कि मौजूदा सैन्य अभियान अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है और इसके बाद अगला चरण शुरू किया जाएगा।

होर्मुज जलसंधि को लेकर ईरान का सख्त रुख

इस बीच, ईरानी थल सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अकरमी निया ने होर्मुज जलसंधि को लेकर भी कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका ईरान की प्रमुख शर्तों को स्वीकार नहीं करता, तब तक इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग को नहीं खोला जाएगा।

ईरान ने अपनी शर्तों में दोनों देशों के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का पालन, शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को समाप्त करना और ईरानी कानूनों का सम्मान करने की बात कही है। ईरान का कहना है कि इन शर्तों के पूरा होने तक जहाजों की आवाजाही की अनुमति नहीं दी जाएगी।

बढ़ा वैश्विक तनाव, तेल बाजार पर भी नजर

बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले के ईरानी दावे और होर्मुज जलसंधि को लेकर सख्त रुख के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। इस घटनाक्रम पर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की नजर बनी हुई है। वहीं, वैश्विक तेल बाजार में भी अनिश्चितता बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

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