
नई दिल्ली: मानसून का मौसम अपने साथ कई संक्रामक बीमारियों का खतरा भी लेकर आता है। इनमें डेंगू सबसे गंभीर मच्छरजनित रोगों में शामिल है। हर साल बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आते हैं और गंभीर मामलों में मरीज को अस्पताल में भर्ती तक कराना पड़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते लक्षणों की पहचान और बचाव के उपाय अपनाकर इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कैसे फैलता है डेंगू?
डेंगू वायरस एडीज एजिप्टी प्रजाति की संक्रमित मादा मच्छर के काटने से फैलता है। संक्रमित मच्छर के काटने के लगभग 4 से 10 दिन बाद इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं। अधिकांश मरीज एक सप्ताह के भीतर ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ मामलों में बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और प्लेटलेट्स तेजी से गिरने लगते हैं।
डेंगू के शुरुआती लक्षण पहचानना है जरूरी
डेंगू के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे लग सकते हैं। इनमें शामिल हैं—
- तेज बुखार (104°F तक)
- तेज सिरदर्द
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
- आंखों के पीछे दर्द
- जी मिचलाना और उल्टी
- त्वचा पर लाल चकत्ते या रैशेज
- अत्यधिक कमजोरी और थकान
यदि इन लक्षणों के साथ प्लेटलेट्स तेजी से कम होने लगें या रक्तस्राव जैसे संकेत दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा रहता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कुछ लोगों में डेंगू का जोखिम अधिक होता है—
- डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग
- हाल ही में डेंगू प्रभावित इलाके की यात्रा करने वाले
- जिन्हें पहले डेंगू हो चुका हो
- कमजोर प्रतिरक्षा (इम्युनिटी) वाले लोग
- बुजुर्ग, छोटे बच्चे और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज
विशेषज्ञ बताते हैं कि पहले डेंगू से संक्रमित हो चुके लोगों में दोबारा संक्रमण होने पर गंभीर डेंगू का खतरा बढ़ सकता है।
कमजोर इम्युनिटी वालों को बरतनी चाहिए अतिरिक्त सावधानी
जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उनमें डेंगू के गंभीर होने की आशंका अधिक रहती है। ऐसे मरीजों में प्लेटलेट्स तेजी से गिर सकते हैं और ठीक होने में अधिक समय लग सकता है। इसलिए उन्हें विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।
डेंगू से बचाव के आसान उपाय
डेंगू से बचने के लिए मच्छरों से सुरक्षा सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।
- पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
- घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
- कूलर, गमले, टायर और पानी रखने वाले बर्तनों की नियमित सफाई करें।
- मच्छरदानी और मच्छररोधी क्रीम या स्प्रे का उपयोग करें।
- घर के आसपास समय-समय पर कीटनाशकों का छिड़काव कराएं।
- संतुलित आहार लें और पर्याप्त पानी पीकर इम्युनिटी मजबूत रखें।
कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?
यदि तेज बुखार के साथ लगातार उल्टी, सांस लेने में तकलीफ, पेट में तेज दर्द, अत्यधिक कमजोरी, मसूड़ों या नाक से खून आना अथवा प्लेटलेट्स तेजी से गिरने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लें।



