
नई दिल्ली: आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पावन देवशयनी एकादशी इस वर्ष 25 जुलाई 2026, शनिवार को मनाई जा रही है। इसी दिन से चार माह तक चलने वाले चातुर्मास का शुभारंभ हो गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सृष्टि के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु इस दिन से योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह तिथि विशेष मानी जाती है, क्योंकि उदया तिथि, ब्रह्म योग और ज्येष्ठा नक्षत्र का संयोग सभी 12 राशियों पर अलग-अलग प्रभाव डालता है।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार जहां कई राशियों के लिए यह समय शुभ फलदायी माना जा रहा है, वहीं तीन राशियों के जातकों को आज से शुरू हुए चातुर्मास के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कर्क राशि वालों को आर्थिक और पारिवारिक मामलों में बरतनी होगी सावधानी
कर्क राशि के जातकों के लिए यह अवधि मानसिक तनाव और जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने वाली हो सकती है। पेशेवर और पारिवारिक जीवन में तालमेल बनाए रखना चुनौतीपूर्ण रह सकता है।
आर्थिक मामलों में किसी भी बड़े जोखिम से बचने की सलाह दी गई है। निवेश करने से पहले हर पहलू पर अच्छी तरह विचार करें, क्योंकि जल्दबाजी नुकसान का कारण बन सकती है। परिवार में गलतफहमियों या विवाद की स्थिति बन सकती है, इसलिए बातचीत में संयम रखना आवश्यक रहेगा।
उपाय के तौर पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा कर माखन-मिश्री का भोग लगाने की सलाह दी गई है।
वृश्चिक राशि के जातक स्वास्थ्य और विवादों को लेकर रहें सतर्क
वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय स्वास्थ्य और पैतृक मामलों में सावधानी बरतने का संकेत देता है। ग्रहों की स्थिति के कारण कुछ कार्यों में अपेक्षा से अधिक विलंब हो सकता है।
दफ्तर में किसी भी प्रकार के विवाद या बहस से दूरी बनाए रखें और गुप्त शत्रुओं से सतर्क रहें। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में भी धैर्य रखने की आवश्यकता होगी। खानपान में लापरवाही स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ा सकती है।
नकारात्मक प्रभाव कम करने के लिए भगवान विष्णु के मंदिर में दर्शन कर पीली मिठाई या केसर का दान करने की सलाह दी गई है।
धनु राशि वालों के लिए बढ़ सकते हैं खर्च, सोच-समझकर लें फैसले
धनु राशि के जातकों के लिए चातुर्मास के दौरान आर्थिक संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण रहेगा। आमदनी की तुलना में खर्च बढ़ने की संभावना जताई गई है, जिससे बजट प्रभावित हो सकता है।
कार्यस्थल पर सहकर्मियों या वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वैचारिक मतभेद की स्थिति बन सकती है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय में जल्दबाजी करने से बचें, क्योंकि इसका असर भविष्य पर पड़ सकता है ज्योतिषीय उपाय के रूप में केले के वृक्ष की पूजा कर उसमें जल और चना दाल अर्पित करने की सलाह दी गई है।



