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ममता की करीबी से मोदी सरकार की समर्थक तक, सायोनी घोष का बड़ा राजनीतिक यू-टर्न; पहली बार NDA बैठक में हुईं शामिल

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में कभी तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली सांसद सायोनी घोष अब बदले हुए राजनीतिक तेवर के साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के मंच पर नजर आईं। टीएमसी छोड़कर एनसीपीआई में शामिल होने के बाद उन्होंने मंगलवार को पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में आयोजित एनडीए संसदीय दल की बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के बाद सायोनी घोष ने अपने अनुभव साझा किए, जिनकी राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।

पहली बार एनडीए संसदीय दल की बैठक में हुईं शामिल

संसद भवन परिसर स्थित लाइब्रेरी भवन में मंगलवार सुबह एनडीए संसदीय दल की बैठक आयोजित की गई, जिसे ‘मंगल मिलन’ नाम दिया गया। इस बैठक में टीएमसी छोड़कर एनसीपीआई में शामिल हुए सांसदों ने भी भाग लिया। सायोनी घोष के साथ काकोली घोष और शताब्दी रॉय भी बैठक में मौजूद रहीं।

बैठक को बताया ज्ञानवर्धक और उपयोगी

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सायोनी घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में हुई यह बैठक उनके लिए ज्ञानवर्धक और जानकारी से भरपूर रही। उन्होंने कहा कि बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई और नए सांसदों के लिए यह अनुभव काफी उपयोगी रहा।

एफटीए और ब्लू इकॉनमी पर हुई चर्चा

सायोनी घोष के अनुसार, बैठक में मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए), ब्लू इकॉनमी और आगामी विधायी एजेंडे पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों ने विभिन्न नीतियों की जानकारी दी, जिससे देश की विकास दिशा को करीब से समझने का अवसर मिला।

बदला राजनीतिक रुख बना चर्चा का विषय

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में सायोनी घोष तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर जादवपुर सीट से सांसद चुनी गई थीं। उस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी की मुखर आलोचक मानी जाती थीं। हालांकि, टीएमसी से अलग होने और एनसीपीआई में शामिल होने के बाद उनके राजनीतिक रुख में बदलाव देखने को मिला है।

एंटी-पेपर लीक बिल का किया समर्थन

सायोनी घोष ने सार्वजनिक परीक्षा विधेयक (एंटी-पेपर लीक बिल) का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार की पहल की सराहना की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टीएमसी से अलग होने के बाद वह राष्ट्रीय राजनीति में नई भूमिका के साथ अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं।

‘पहले कभी ऐसा अनुभव नहीं मिला’

सायोनी घोष ने कहा कि एनडीए की बैठक में देश की प्रगति, एफटीए, किसानों से जुड़े मुद्दों और आगामी विधेयकों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बैठक की व्यवस्था की भी सराहना करते हुए कहा कि इस तरह का अनुभव उन्हें पहले कभी नहीं मिला था और इससे उन्हें संसदीय कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला।

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