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मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले: पीएम-किसान योजना 2030-31 तक बढ़ी, सूर्य सरोवर और खेलो इंडिया को भी मिली मंजूरी

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने किसानों, ऊर्जा और खेल क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना और विस्तारित खेलो इंडिया कार्यक्रम को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के विस्तार के लिए केंद्र सरकार ने 3.15 लाख करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि किसानों की आर्थिक मजबूती सरकार की प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से पात्र किसान परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

यह योजना फरवरी 2019 में शुरू की गई थी, जिसके तहत पात्र भू-स्वामी किसान परिवारों को हर वर्ष 6,000 रुपये की सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है। सरकार के अनुसार अब तक 23 किस्तों के जरिए किसानों के खातों में 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है। सरकार का मानना है कि योजना को 2030-31 तक जारी रखने से कृषि निवेश, उत्पादकता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

सूर्य सरोवर योजना को भी मिली मंजूरी

कैबिनेट ने प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को भी हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत बांधों, जलाशयों और पोखरों पर तैरते सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। पांच वर्ष की इस योजना पर करीब 5,070 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि देश में जलाशयों के माध्यम से 102.18 गीगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता मौजूद है। योजना के तहत अधिकतम बिजली मांग को पूरा करने के लिए दो घंटे की ऊर्जा भंडारण व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।

खेलो इंडिया योजना का दायरा बढ़ा

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने खेलो इंडिया योजना के विस्तारित स्वरूप और राष्ट्रीय खेल महासंघों को वित्तीय सहायता देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक इस क्षेत्र पर कुल 36,441 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

सरकार ने पहली बार खेलो इंडिया फीडर स्कूल और खेलो इंडिया उत्कृष्ट विद्यालय शुरू करने का निर्णय लिया है। नई खेलो इंडिया योजना के लिए 29,054 करोड़ रुपये तथा राष्ट्रीय खेल महासंघ सहायता योजना के लिए 7,387 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इससे वर्ष 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी और ओलंपिक की दावेदारी को मजबूती मिलेगी।

खिलाड़ियों को मिलेगा एकीकृत प्रशिक्षण तंत्र

सरकार ने राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र, खेलो इंडिया उत्कृष्टता केंद्र, साई प्रशिक्षण केंद्र, खेलो इंडिया मान्यता प्राप्त अकादमियों, खेलो इंडिया केंद्रों और सशस्त्र बलों की युवा खेल कंपनियों को एकीकृत करने का भी निर्णय लिया है। इसके तहत खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय कोचिंग और खेल विज्ञान से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

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