
नई दिल्ली: तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। कावेरी जल अधिकारों को लेकर तंजावुर में हुए प्रदर्शन के दौरान अभिनेत्री तृषा को लेकर कथित विवादित टिप्पणी के मामले में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। हालांकि, हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें उसी दिन रिहा किया जाए।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद
मामला उस वक्त चर्चा में आया जब तंजावुर में आयोजित एक सार्वजनिक सभा के दौरान उदयनिधि स्टालिन का कथित बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। आरोप है कि भाषण के दौरान समर्थकों ने अभिनेत्री तृषा के नाम के नारे लगाए, जिस पर उदयनिधि की प्रतिक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
इसके बाद टीवीके ने तंजावुर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। साथ ही राष्ट्रीय महिला आयोग में भी शिकायत भेजी गई। शिकायतों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उदयनिधि स्टालिन को गिरफ्तार कर लिया।
समर्थकों की भीड़ के चलते बदला पुलिस स्टेशन
गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें तंजावुर दक्षिण पुलिस स्टेशन ले जा रही थी, लेकिन थाने के बाहर बड़ी संख्या में समर्थकों के जमा होने के कारण पुलिस ने उन्हें करीब 21 किलोमीटर दूर सेंगिपट्टी पुलिस स्टेशन ले जाने का फैसला किया।
बताया गया कि सेंगिपट्टी पुलिस स्टेशन पहुंचने पर उदयनिधि स्टालिन ने शुरुआत में वाहन से उतरने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि अदालत के समक्ष जिस पुलिस स्टेशन का उल्लेख किया गया था, यह वह स्थान नहीं है। बाद में वह पुलिस के साथ वाहन से बाहर आए।
थाने के बाहर धक्का-मुक्की, कई समर्थक घायल
सेंगिपट्टी पुलिस स्टेशन के बाहर बड़ी संख्या में डीएमके समर्थक एकत्र हो गए। इस दौरान प्रदर्शन और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, जिसमें कुछ समर्थकों के घायल होने की जानकारी सामने आई। हालात को देखते हुए पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
डीएमके और बीजेपी आमने-सामने
डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि तमिलनाडु में आलोचना को सहन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब एम.के. स्टालिन मुख्यमंत्री थे, तब भी सरकार की आलोचना होती थी, लेकिन उसे स्वीकार किया जाता था।
वहीं, बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की कथित अशोभनीय टिप्पणियां स्वीकार्य नहीं हो सकतीं।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, उदयनिधि स्टालिन कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित प्रदर्शन में लोगों को संबोधित कर रहे थे। भाषण के दौरान उन्होंने राज्य सरकार पर कावेरी जल प्रबंधन को लेकर निशाना साधा। इसी बीच भीड़ ने अभिनेत्री तृषा के नाम के नारे लगाए। आरोप है कि इसके बाद उदयनिधि स्टालिन ने समर्थकों से इस पर टिप्पणी की और कथित तौर पर द्विअर्थी बयान तथा अभद्र इशारा किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।



