
पुरुलिया: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कुर्मी समुदाय को लेकर बड़ा ऐलान किया है। पुरुलिया के कराडी मैदान में आयोजित कुर्मी करम महोत्सव में उन्होंने कहा कि सितंबर 2025 में कुर्मी समुदाय के आंदोलन के दौरान पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के समय दर्ज किए गए सभी मामलों को वापस लिया जाएगा। इस आंदोलन में कुर्मी समुदाय ने अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने समेत कई मांगें उठाई थीं।
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि वह दुर्गापुर में हुई बैठक में पहले ही मामलों को वापस लेने का फैसला घोषित कर चुके हैं। इसके बाद पश्चिमी जिलों को लेकर हुई प्रशासनिक बैठक में भी अधिकारियों को इस निर्णय की जानकारी दी गई थी।
कुर्मी समुदाय के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने चालू बजट में कुर्मी समुदाय के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में इस राशि को बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही कुर्मी विकास बोर्ड को दोबारा सक्रिय करने की बात भी कही गई है।
शुभेंदु अधिकारी ने कुर्माली और राजबंशी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की दिशा में कदम उठाने का भी वादा किया। कुर्माली मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल के पश्चिमी जिलों में कुर्मी समुदाय के बीच बोली जाती है, जबकि राजबंशी उत्तर बंगाल में बोली जाने वाली भाषा है।
2025 में हुआ था कुर्मी समुदाय का आंदोलन
कुर्मी संगठनों ने सितंबर 2025 में अनुसूचित जनजाति का दर्जा और कुर्माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने समेत अन्य मांगों को लेकर आंदोलन किया था। इस दौरान पश्चिम बंगाल के पश्चिमी जिलों में सड़क और रेलवे मार्ग पर नाकेबंदी की गई थी। आंदोलन से जुड़े मामलों को लेकर अब मुख्यमंत्री ने पुराने केस वापस लेने की घोषणा की है।
कुर्मी समुदाय की इन मांगों को लेकर बंगाल में पहले भी आंदोलन होते रहे हैं। समुदाय से जुड़े संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर अलग-अलग समय पर सड़क और रेलवे मार्ग बाधित किए हैं। पश्चिमी बंगाल के जंगलमहल क्षेत्र में कुर्मी समुदाय की मौजूदगी को देखते हुए यह मुद्दा राज्य की राजनीति में भी चर्चा का विषय रहा है।
कुर्मी समुदाय के लिए सरकार ने किए अन्य ऐलान
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार समुदाय से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने कुर्मी विकास बोर्ड को फिर से सक्रिय करने और भाषा से जुड़े मुद्दे पर संवैधानिक मान्यता के लिए प्रयास करने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार कुर्मी समुदाय के विकास के लिए बजट में किए गए प्रावधान को आगे बढ़ाएगी। पुराने आंदोलन से जुड़े मामलों को वापस लेने और विकास योजनाओं से जुड़े इन ऐलानों को समुदाय से संबंधित सरकार की घोषणाओं के तौर पर देखा जा रहा है।



