मध्य प्रदेश

CM मोहन यादव ने छात्राओं संग किया खुला संवाद, सुनाया ऐसा किस्सा कि सभागार में छा गई खामोशी, AI पर भी दी बड़ी सीख

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल स्थित कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में छात्राओं के साथ खुलकर संवाद किया। इस दौरान मंच पर छात्राएं मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहीं, जबकि सभागार में बैठी बेटियों ने उनसे कई रोचक और बेबाक सवाल पूछे। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने विधायक कार्यकाल का एक प्रेरक प्रसंग साझा करते हुए जीवन में संतुलन, अनुशासन और मर्यादित तरीके से अपनी बात रखने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जब वह उज्जैन से विधायक थे, तब आष्टा के पास उनकी गाड़ी को एक स्कूली छात्रा ने रुकवाया। छात्रा ने बताया कि सड़क किनारे एक घायल व्यक्ति पड़ा है और उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाना जरूरी है। उसने यह भी कहा कि उसने 25 से 50 लोगों से मदद मांगी, लेकिन किसी ने अपनी गाड़ी नहीं रोकी।

घायल को अस्पताल पहुंचाया, रास्तेभर सुनते रहे नाराज छात्रा की बातें

मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने घायल व्यक्ति को अपनी गाड़ी में बैठाकर सीहोर अस्पताल ले जाने का फैसला किया। रास्ते में घायल के खून से वाहन भी खराब हो रहा था। इसी दौरान छात्रा नाराजगी जताते हुए लगातार कहती रही कि सभी विधायक बेईमान हैं और सारे नेता चोर हैं। उसने यह भी कहा कि इतने लोगों से मदद मांगी, लेकिन किसी नेता या विधायक ने उसकी बात नहीं सुनी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने पूरे रास्ते छात्रा की बातें शांतिपूर्वक सुनीं। जब उन्होंने उससे घायल व्यक्ति के बारे में पूछा तो छात्रा ने कहा कि वह उसका कोई रिश्तेदार नहीं है, बल्कि वह केवल अपना फर्ज निभा रही थी। अस्पताल पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने अपना परिचय देते हुए कहा कि वह भी विधायक हैं और सभी जनप्रतिनिधियों के बारे में एक जैसी धारणा नहीं बनानी चाहिए।

छात्राओं को अनुशासन और संवाद का दिया संदेश

मुख्यमंत्री ने छात्राओं से कहा कि सामाजिक जीवन में अपने विचार व्यक्त करने का भी एक तरीका और अनुशासन होता है। उन्होंने कहा कि संतुलित और मर्यादित संवाद व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारने का काम करता है।

ChatGPT और AI को लेकर दिया यह जवाब

संवाद के दौरान छात्रा प्रिंसी वर्मा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या वह ChatGPT का इस्तेमाल करते हैं और उस पर क्या सर्च करते हैं। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह किसी कार्यक्रम से जुड़े विषयों पर वर्तमान परिदृश्य की नई जानकारियां खोजने के लिए इसका उपयोग करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ChatGPT हो या Grok, एआई टूल्स अंतिम सत्य नहीं हैं। इनका उपयोग जरूर करें, लेकिन अपने विवेक का इस्तेमाल करें और तथ्यों का क्रॉस-चेक अवश्य करें।

इंस्टाग्राम पर किसे करते हैं फॉलो, छात्रा के सवाल पर दिया जवाब

एक अन्य छात्रा लारा खत्री ने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या वह इंस्टाग्राम का इस्तेमाल करते हैं और किसे फॉलो करते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में हर राजनेता को समय के साथ चलना पड़ता है। उन्होंने बताया कि वह इंस्टाग्राम का उपयोग करते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फॉलो करते हैं।

सरकारी स्कूल से पढ़ाई का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वह स्वयं भी सरकारी स्कूल से पढ़कर इस पद तक पहुंचे हैं। उन्होंने विद्यालय में संचालित बाल कैबिनेट की सराहना करते हुए कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से छात्राओं को खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और अनुशासन जैसे क्षेत्रों में नेतृत्व की जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिलता है।

Related Articles

Back to top button