
बांकीपुर उपचुनाव के बाद बदले सियासी समीकरण! यूपी चुनाव से पहले ब्राह्मण वोट बैंक पर सपा का बड़ा दांव, PDA में ‘पंडित’ की एंट्री
लखनऊ: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजों ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी नई हलचल पैदा कर दी है। खासकर ब्राह्मण और अन्य सवर्ण वोट बैंक को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। माना जा रहा है कि भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद ब्राह्मण समाज में उपजे असंतोष का असर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की पारंपरिक सीट बांकीपुर पर देखने को मिला, जहां पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि के बीच बुधवार को लखनऊ में आयोजित जनेश्वर मिश्र जयंती कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी ने ब्राह्मण समाज को साधने की खुली कोशिश की।
समाजवादी चिंतक जनेश्वर मिश्र की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी के पीडीए में ‘पी’ का मतलब पंडित भी है। उन्होंने भाजपा पर ब्राह्मण समाज के उत्पीड़न का आरोप लगाया और कानपुर के विकास दुबे एनकाउंटर का जिक्र करते हुए कहा कि यदि सैटेलाइट इमेज निकाली जाए तो साफ हो जाएगा कि गाड़ी किसने पलटाई। उन्होंने गोरखपुर का उल्लेख करते हुए भाजपा नेतृत्व पर भी निशाना साधा।
ब्राह्मण समाज से जुड़े मुद्दों को बनाया राजनीतिक हथियार
अखिलेश यादव ने प्रयागराज में शंकराचार्य के बिना स्नान किए लौटने और बटुकों की पिटाई के मामलों को पूरे ब्राह्मण समाज के सम्मान से जोड़ते हुए भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय पर भी टिप्पणी की। इसके जरिए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि भाजपा के ब्राह्मण चेहरे समाज के हितों की रक्षा नहीं कर पाए हैं।
उन्होंने कुशीनगर में कुछ लोगों को मिलने से पहले नहलाए जाने की घटना और गोरखपुर में शिक्षकों के साथ कथित अपमानजनक व्यवहार का भी जिक्र किया। साथ ही कहा कि भाजपा ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर कोई बड़ा काम नहीं किया और केवल समाजवादी सरकार के समय बने लोकभवन में उनकी प्रतिमा स्थापित की गई।
सनातन परंपरा और ब्राह्मण सम्मान का भी किया उल्लेख
सपा अध्यक्ष ने ब्राह्मण समाज पर सांस्कृतिक हमलों का आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार के दौरान इस समाज को लेकर विवादित फिल्म भी बनाई गई। उन्होंने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद माता प्रसाद पांडेय को दिए जाने को भी ब्राह्मण सम्मान से जोड़कर पेश किया।
कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने खुद को सनातनी परंपराओं का समर्थक बताते हुए कहा कि सनातन परंपरा में चढ़ावे और दान की रसीद नहीं होती, जबकि भाजपा रसीद मांग रही है। उन्होंने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पर भी निशाना साधते हुए रसीद घोटाले का उल्लेख किया।
2027 विधानसभा चुनाव पर सपा की नजर
ब्राह्मण समाज को लेकर समाजवादी पार्टी की यह रणनीति आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के मद्देनजर अहम मानी जा रही है। पीडीए में ‘पंडित’ को शामिल करने का संदेश और विधानसभा चुनाव में ब्राह्मणों को उचित प्रतिनिधित्व देने के संकेत से सपा ने अपनी नई राजनीतिक रणनीति स्पष्ट कर दी है। हालांकि यह रणनीति चुनावी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होगी, इसका आकलन आने वाले समय में होगा।



