
Mumbai : बिहार के लखीसराय स्थित अशोक धाम में सावन की तीसरी सोमवारी पर हुई भगदड़ में सात श्रद्धालुओं की मौत के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के निकटतम आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है। वहीं, मौके पर पहुंचे जेडीयू विधायक रामानंद मंडल ने हादसे के लिए प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए जांच की मांग की है।
मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख की सहायता
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया के जरिए हादसे पर शोक जताते हुए कहा कि घटना अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। श्रद्धालुओं की मौत की खबर से उनका मन व्यथित है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के समुचित और त्वरित इलाज के लिए जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अशोक धाम हाल्ट पर हुई इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले सभी लोगों के निकटतम आश्रितों को राज्य सरकार की ओर से चार-चार लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है।
जेडीयू विधायक ने प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप
घटना की जानकारी मिलने के बाद सूर्यगढ़ा के जेडीयू विधायक रामानंद मंडल मौके पर पहुंचे। उन्होंने हादसे को प्रशासन की लापरवाही का नतीजा बताया। विधायक ने कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि सुरक्षा व्यवस्था में किस स्तर पर चूक हुई। उन्होंने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए घायलों के समुचित इलाज की बात कही।
हादसे के बाद सड़क पर उतरे परिजन और स्थानीय लोग
भगदड़ की घटना के बाद मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने सदर अस्पताल के पास सड़क जाम कर विरोध जताया। जिला प्रशासन ने समझा-बुझाकर लोगों को सड़क से हटाया।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि तीसरी सोमवारी पर भारी भीड़ जुटने की जानकारी पहले से थी, इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी। लोगों का कहना है कि भगदड़ के दौरान जब श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिर रहे थे और उन्हें कुचला जा रहा था, उस समय स्थिति संभालने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नजर नहीं आई।
धार्मिक न्यास परिषद ने जांच के दिए आदेश
हादसे को लेकर बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद ने भी जांच के आदेश दिए हैं। परिषद के अध्यक्ष रणवीर नंदन ने बताया कि जांच टीम को लखीसराय भेजा जा रहा है। न्यास परिषद और जिला प्रशासन की टीम संयुक्त रूप से घटना की जांच करेगी।
उन्होंने कहा कि मंदिर न्यास से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।



