अब 25 फीसदी फ्लाइट क्रू का होगा ड्रग टेस्ट, एयर इंडिया हादसे के बाद सरकार सख्त

नई दिल्ली: विमान यात्रियों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने सतर्कता बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय फ्लाइट क्रू के आकस्मिक मादक पदार्थ परीक्षण का दायरा 10 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी से अधिक करने पर विचार कर रहा है। हाल में फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान में हुई गंभीर घटना के बाद विमान चालकों और क्रू सदस्यों की जांच को लेकर सरकार का ध्यान और बढ़ गया है।
हवा में 300 फीट नीचे आया था विमान
फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान में बीते दिनों भारी हलचल के बाद विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया था। इस घटना में 24 लोग घायल हुए थे। जांच के दौरान विमान चालक के शरीर में भांग या गांजे जैसे नशीले पदार्थ की पुष्टि हुई थी।
उड़ान संख्या एआई 2379 में तीन शिशुओं समेत 137 यात्री सवार थे। विमान में दो पायलट समेत चालक दल के आठ सदस्य मौजूद थे। घटना में 20 यात्री और चालक दल के चार सदस्य घायल हुए थे।
इस घटना के बाद एयर इंडिया ने अपने सभी पायलटों के लिए मादक पदार्थों और प्रतिबंधित दवाओं की जांच अनिवार्य करने का फैसला किया है। केंद्र सरकार भी मौजूदा नियमों को और सख्त करने पर विचार कर रही है।
एयर इंडिया में हर पायलट की अनिवार्य जांच
टाटा समूह की विमानन कंपनी एयर इंडिया ने अपने सभी पायलटों की मादक द्रव्यों और नियमों के तहत प्रतिबंधित दवाओं के सेवन के लिए जांच कराने का निर्णय लिया है। कंपनी ने उड़ान के बाद होने वाली इस जांच को सभी पायलटों के लिए अनिवार्य कर दिया है।
यह प्रक्रिया 13 अगस्त 2026 से शुरू की गई। एयरलाइंस के उड़ान परिचालन प्रमुख महेश उप्पल ने पायलटों को भेजे पत्र में बताया कि समूह के सभी पायलटों की उन पदार्थों और दवाओं के लिए पूरी जांच की जाएगी, जिनके सेवन की नियमों के तहत अनुमति नहीं है।
फुकेट-दिल्ली उड़ान में हुए हादसे के बाद किए गए प्रारंभिक परीक्षण में मुख्य पायलट मादक पदार्थों की जांच में सकारात्मक पाया गया था। उसके नमूने को आगे प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है।
इन जगहों पर होगी पायलटों की जांच
एयर इंडिया के अनुसार, पायलटों की जांच एयरलाइंस की गुरुग्राम अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान की जा सकती है। इसके अलावा उड़ान के बाद फ्लाइट ब्रीफिंग सेंटर, एयर इंडिया के कार्यालयों या पायलट के संबंधित बेस द्वारा निर्धारित स्थानों पर भी परीक्षण किया जाएगा।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह जांच उसके सभी पायलटों के लिए अनिवार्य होगी।
2021 में बनाए गए थे ड्रग टेस्ट के नियम
विमानन क्षेत्र में मादक पदार्थों की जांच से जुड़े नियम नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने सितंबर 2021 में जारी किए थे। इन नियमों को जनवरी 2022 से लागू किया गया था। मौजूदा प्रावधानों के तहत सभी पायलटों की नियमित तौर पर मादक पदार्थों की जांच जरूरी नहीं है, बल्कि औचक जांच का प्रावधान किया गया है।
अब नागरिक उड्डयन मंत्रालय आकस्मिक जांच के दायरे को बढ़ाने पर विचार कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, फ्लाइट क्रू के 10 फीसदी से अधिक सदस्यों की जांच की मौजूदा व्यवस्था को बढ़ाकर 25 फीसदी से अधिक किया जा सकता है।
यात्रियों की सुरक्षा पर बढ़ा फोकस
हालिया विमान घटना के बाद विमान चालकों और अन्य क्रू सदस्यों के मादक पदार्थों के सेवन की जांच पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य उड़ान संचालन से जुड़े कर्मचारियों की जांच को और व्यापक बनाना तथा हवाई यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।



