उज्बेकिस्तान पहुंचे PM मोदी, रणनीतिक रिश्तों को मिलेगी नई धार; व्यापार, निवेश और ऊर्जा पर होगी बड़ी बातचीत

ताशकंद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय यात्रा के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा। दोनों देशों के बीच व्यापार एवं निवेश, डिजिटल संपर्क, रक्षा और ऊर्जा समेत कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर हो रही इस यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता प्रस्तावित है।
शनिवार को ताशकंद पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत किया गया। राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है। ताशकंद पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री यांगी उज्बेकिस्तान पार्क गए और आजादी स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। यह स्मारक देश की आजादी की 30वीं वर्षगांठ के अवसर पर बनाया गया था। इसके अलावा उन्होंने शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी केंद्र का भी दौरा किया।
31 अगस्त को एससीओ शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त को 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए बिश्केक जाएंगे। इस वर्ष एससीओ की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ भी है। सम्मेलन की थीम ‘एससीओ के 25 साल: टिकाऊ शांति, विकास और समृद्धि की ओर साथ-साथ’ रखी गई है। बिश्केक में 31 अगस्त को स्वागत रात्रिभोज और अगले दिन मुख्य बैठक आयोजित होगी, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी भाषण देंगे। सम्मेलन के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकों का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।
2023 से लगातार संपर्क में हैं मोदी और मिर्जियोयेव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव की मुलाकात 2023 में दुबई में आयोजित सीओपी28 सम्मेलन के दौरान हुई थी। इसके बाद दोनों नेताओं ने 2024 में कजान में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भी बातचीत की थी। दोनों की पिछली मुलाकात 2025 में चीन के तियानजिन में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारत और उज्बेकिस्तान के बीच लंबे समय से सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। मंत्रालय का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी की 2026 की यात्रा से दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों को और मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी में भारतीय संस्कृति के जानकारों और अन्य विद्वानों से भी संवाद करेंगे।
कनेक्टिविटी की चुनौती दूर करने पर रहेगा जोर
विदेश मंत्रालय के अनुसार उज्बेकिस्तान प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध देश है, जबकि भारत को महत्वपूर्ण खनिजों की जरूरत है। ऐसे में दोनों देशों के बीच लंबे समय के लिए आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की संभावनाओं पर बातचीत हो सकती है। भारत की उज्बेकिस्तान में राजदूत स्मिता पंत के मुताबिक दोनों देश एक-दूसरे के लिए स्वाभाविक बाजार हैं और दोनों के बीच आयात-निर्यात की काफी संभावनाएं हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच संपर्क व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। व्यापारिक रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए इस बाधा को दूर करने के उपायों पर भी चर्चा की जाएगी।
फार्मा, कृषि और फिनटेक में बढ़ेगा सहयोग
राजदूत स्मिता पंत के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का एजेंडा व्यापक है। वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री की पिछली द्विपक्षीय यात्रा के बाद भारत और उज्बेकिस्तान के बीच व्यापार में 300 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जबकि उज्बेकिस्तान में भारत का निवेश 700 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है। दोनों देशों के बीच संस्कृति, दवा उद्योग, स्वास्थ्य, पारंपरिक चिकित्सा, कृषि और वित्तीय तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बातचीत होगी। इस दौरान कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जाने की भी संभावना है।
मोदी के स्वागत में बच्चों और युवाओं ने पेश किया सांस्कृतिक कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ताशकंद पहुंचने पर बच्चों, युवतियों और युवाओं की टीम ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। स्वागत कार्यक्रम के दौरान एक छोटे बच्चे में प्रधानमंत्री मोदी से मिलने को लेकर खास उत्साह नजर आया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बाद स्थानीय लोगों ने भी इस आत्मीय स्वागत की सराहना की।
भारतीय समुदाय के स्नेह से अभिभूत दिखे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने ताशकंद में भारतीय समुदाय के साथ मुलाकात और स्वागत कार्यक्रम के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि वह भारतीय समुदाय के स्नेह और आत्मीयता से अभिभूत हैं। प्रधानमंत्री के मुताबिक प्रवासी भारतीय समुदाय भारत और उज्बेकिस्तान के बीच एक जीवंत सेतु की भूमिका निभा रहा है और दोनों देशों की दोस्ती को लगातार मजबूत कर रहा है।
स्वागत कार्यक्रम में भारतीय समुदाय की ओर से कथक और अंदिजान पोल्का नृत्य प्रस्तुत किया गया। उज्बेकिस्तान के बच्चों ने प्रसिद्ध भारतीय गीत ‘उड़े जब जब जुल्फें तेरी’ पर नृत्य की प्रस्तुति दी। इस दौरान तबले के साथ पारंपरिक उज्बेक वाद्य यंत्र दोइरा और चांग की जुगलबंदी ने भी कार्यक्रम में खास आकर्षण जोड़ा।
राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ तय होगी आगे की कार्ययोजना
विदेश मंत्रालय के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। बैठक में व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल संपर्क, ऊर्जा तथा शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने के साथ भविष्य की कार्ययोजना पर भी विचार करेंगे। इसके अलावा दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और आपसी रिश्तों की गर्मजोशी को और मजबूत करने के मुद्दे पर भी बातचीत होगी।



