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वसुंधरा राजे के गढ़ झालावाड़ में कांग्रेस का बड़ा उलटफेर, 45 में से 29 वार्ड जीते; बीजेपी सिर्फ 13 सीटों पर सिमटी

झालावाड़: राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनाव 2026 के नतीजों में कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के मजबूत राजनीतिक गढ़ माने जाने वाले झालावाड़ में बड़ा सियासी उलटफेर कर दिया है। झालावाड़ नगर परिषद की 45 सीटों में कांग्रेस ने 29 वार्डों में जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया। बीजेपी को यहां सिर्फ 13 सीटें मिलीं, जबकि दो सीटों पर निर्दलीय और एक सीट पर आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी विजयी रहे। इस परिणाम के बाद नगर परिषद में कांग्रेस का बोर्ड बनना तय माना जा रहा है।

झालावाड़ में बदला दशकों पुराना सियासी समीकरण

झालावाड़ और झालरापाटन को लंबे समय से वसुंधरा राजे और उनके परिवार का मजबूत राजनीतिक आधार माना जाता रहा है। ऐसे में नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस की 29 सीटों पर जीत बीजेपी के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। खास बात यह है कि पिछली बार झालावाड़ नगर परिषद में बीजेपी का बोर्ड था, लेकिन इस बार कांग्रेस ने सत्ता बदलते हुए परिषद पर कब्जा कर लिया।

45 सदस्यीय परिषद में बहुमत के लिए 23 सीटों की जरूरत थी, लेकिन कांग्रेस ने 29 वार्ड जीतकर इस आंकड़े को काफी पीछे छोड़ दिया। ऐसे में पार्टी अब सभापति और उपसभापति पद पर भी अपना दावा मजबूत कर चुकी है।

बीजेपी 13 सीटों पर सिमटी

झालावाड़ नगर परिषद के नतीजे बीजेपी के लिए निराशाजनक रहे। पार्टी को कुल 45 वार्डों में से महज 13 पर जीत मिली। इसके मुकाबले कांग्रेस ने 29 सीटों पर कब्जा जमाया। दो वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी जीते, जबकि एक सीट आम आदमी पार्टी के खाते में गई।

कांग्रेस की इस जीत से झालावाड़ की स्थानीय राजनीति में समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। पार्टी के लिए यह लंबे समय बाद जिले में मिली अहम राजनीतिक सफलता मानी जा रही है।

वसुंधरा राजे परिवार का रहा है मजबूत राजनीतिक आधार

झालावाड़ नगर परिषद क्षेत्र झालावाड़-बारां लोकसभा सीट का हिस्सा है। इस लोकसभा क्षेत्र से वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह लगातार पांच बार सांसद रह चुके हैं। उनसे पहले वसुंधरा राजे भी इस लोकसभा क्षेत्र का पांच बार प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

वर्तमान में वसुंधरा राजे झालरापाटन विधानसभा सीट से विधायक हैं। ऐसे में उनके प्रभाव वाले जिले में झालावाड़ नगर परिषद का बीजेपी के हाथ से निकलना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

जिले की आठ निकायों में कांग्रेस-बीजेपी की अलग तस्वीर

झालावाड़ जिले की आठ निकायों के नतीजों में दोनों प्रमुख दलों का प्रदर्शन अलग-अलग रहा। कांग्रेस ने झालावाड़ नगर परिषद के अलावा भवानी मंडी, खानपुर और डग में भी बहुमत हासिल किया है। वहीं बीजेपी झालरापाटन, अकलेरा और मनोहरथाना में बोर्ड बनाने की स्थिति में है।

भवानी मंडी में कांग्रेस ने 26 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। बीजेपी को 13 और निर्दलीय को एक सीट मिली। खानपुर में कांग्रेस ने 18 सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी के खाते में सात सीटें आईं। डग में कांग्रेस ने 14 सीटों पर जीत दर्ज की और बीजेपी छह सीटों तक सीमित रही।

झालरापाटन में बीजेपी ने बचाया वसुंधरा राजे का किला

झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस की बड़ी जीत के बावजूद बीजेपी ने वसुंधरा राजे के विधानसभा क्षेत्र झालरापाटन में अपना प्रभाव कायम रखा। यहां बीजेपी ने 22 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को आठ सीटें मिलीं। आम आदमी पार्टी ने भी पांच सीटों पर जीत हासिल की। बीजेपी यहां बहुमत के साथ बोर्ड बनाने की स्थिति में है।

अकलेरा में भी बीजेपी का प्रदर्शन मजबूत रहा। पार्टी ने 25 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को आठ और निर्दलीय प्रत्याशियों को दो सीटें मिलीं। मनोहरथाना में बीजेपी ने कुल 20 में से 11 सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस को छह और निर्दलीय प्रत्याशियों को तीन सीटें मिलीं।

पिड़ावा में AAP बनी किंगमेकर

पिड़ावा नगर पालिका का चुनाव परिणाम सबसे ज्यादा दिलचस्प रहा, क्योंकि यहां किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। कांग्रेस ने आठ, बीजेपी ने छह और आम आदमी पार्टी ने पांच सीटें जीतीं। एक सीट निर्दलीय प्रत्याशी के खाते में गई।

ऐसे में पिड़ावा में आम आदमी पार्टी की भूमिका अहम हो गई है। बोर्ड बनाने के लिए कांग्रेस या बीजेपी में से किसी भी बड़े दल को बहुमत के लिए AAP या निर्दलीय के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है।

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