
नई दिल्ली: टाइफॉयड का बुखार साल्मोनेला टाइफी नामक बैक्टीरिया के संक्रमण से होता है। इस बीमारी के दौरान शरीर में कमजोरी बढ़ सकती है और इम्यून सिस्टम के साथ लिवर की कार्यक्षमता भी प्रभावित हो सकती है। तेज बुखार के कारण शरीर तपने लगता है और कुछ मरीजों को दस्त जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। टाइफॉयड के दौरान डॉक्टर मरीज को विशेष डाइट लेने की सलाह देते हैं।
टाइफॉयड में मरीज को काफी कमजोरी महसूस होती है। ऐसे में शरीर को ऊर्जा और ताकत की जरूरत होती है। इसके लिए डेयरी उत्पादों को फायदेमंद माना जाता है। शरीर को ऊर्जा देने के लिए दही जैसे डेयरी उत्पादों का सेवन किया जा सकता है।
डिहाइड्रेशन से बचने के लिए ज्यादा लें तरल पदार्थ
टाइफॉयड के दौरान कई बार प्यास कम लगती है, जिसकी वजह से मरीज शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का शिकार हो सकता है। दस्त या डायरिया होने पर यह खतरा और बढ़ सकता है। इससे बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना जरूरी है। रोजाना कम से कम 8 गिलास पानी पीने की सलाह दी गई है। इस दौरान नारियल पानी को भी बेहद फायदेमंद माना जाता है।
कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें भी दे सकती हैं ताकत
टाइफॉयड के बुखार में ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली चीजों का सेवन भी शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि खाई जाने वाली चीजें आसानी से पचने वाली हों और उनसे पाचन संबंधी परेशानी न हो। उबले हुए आलू और उबले हुए चावल इस दौरान खाए जा सकते हैं।
मुनक्का को बताया गया है फायदेमंद
टाइफॉयड के बुखार से राहत पाने के लिए मुनक्का को भी फायदेमंद बताया गया है। इसे यूनानी औषधि के तौर पर भी देखा जाता है। मुनक्का में सेंधा नमक मिलाकर या तवे पर भूनकर खाने की बात कही गई है। तेज बुखार होने पर 4-5 मुनक्के भूनकर खाने की सलाह दी गई है।
हाई कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ भी जरूरी
टाइफॉयड के दौरान डॉक्टर मरीज को हाई कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ खाने की सलाह देते हैं। इस बीमारी में शरीर कमजोर होने के साथ धीरे-धीरे वजन भी कम हो सकता है। ऐसे में अधिक कैलोरी वाली चीजें शरीर को ताकत देने में मदद करती हैं। डाइट में केला, शकरकंद और पीनट बटर जैसी चीजों को शामिल किया जा सकता है।



