MP के 7 वरिष्ठ पुलिस अफसरों को मिला 2016 का IPS कैडर, 27 साल की सेवा का मिला लाभ; DIG बनने की राह साफ

भोपाल: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा के 1998 बैच के सात वरिष्ठ अधिकारियों का पदोन्नति वर्ष यानी कैडर वर्ष तय कर दिया है। करीब 27 वर्षों की सेवा के बाद इन सभी अधिकारियों को 2016 बैच का आईपीएस कैडर आवंटित किया गया है। आईपीएस सीनियरिटी रूल्स 1988 के तहत 27 साल से अधिक की सेवा पर अधिकतम 9 वर्ष का वेटेज दिए जाने का प्रावधान है।
2016 बैच कैसे मिला
नियमों के तहत गणना वर्ष 2025 में से 9 वर्ष घटाने के बाद इन अधिकारियों को 2016 बैच आवंटित किया गया है। गृह मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, सभी सात अधिकारी 2016 बैच के प्रमोटेड आईपीएस राजेंद्र कुमार वर्मा के ठीक नीचे और 2017 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अंकित जायसवाल के ठीक ऊपर वरिष्ठता क्रम में रहेंगे।
इन सात अधिकारियों को मिला कैडर
2016 बैच का कैडर पाने वाले अधिकारियों में निमिषा पांडे, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा पाठक सोनी, सुमन गुर्जर, सब्यसाची सराफ और समर वर्मा शामिल हैं।
कनिष्ठ प्रशासनिक और सिलेक्शन ग्रेड का रास्ता साफ
कैडर वर्ष तय होने के बाद इन अधिकारियों की सेवा अवधि की गणना में भी इसका लाभ मिलेगा। इससे कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड और सिलेक्शन ग्रेड मिलने का रास्ता साफ होगा। इसके साथ ही आगे चलकर इन अधिकारियों के डीआईजी पद की पात्रता हासिल करने की स्थिति भी बनेगी।
27 साल की सेवा के आधार पर मिला वेटेज
आईपीएस सीनियरिटी रूल्स 1988 के तहत लंबी सेवा अवधि के आधार पर अधिकारियों को वेटेज देने का प्रावधान है। इसी व्यवस्था के तहत 2025 के गणना वर्ष में 9 वर्ष का वेटेज घटाकर सातों अधिकारियों का कैडर वर्ष 2016 निर्धारित किया गया है।



