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डेंगू में पपीते के पत्तों का जूस कितना फायदेमंद? जानें प्लेटलेट्स से लेकर पाचन तक इससे जुड़े दावे

नई दिल्ली: पपीता सेहत के लिए फायदेमंद फलों में शामिल है और इसके फल के साथ पत्तों का इस्तेमाल भी कई घरेलू नुस्खों में किया जाता है। पपीते के पत्तों में विभिन्न जैव सक्रिय यौगिक और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। खासतौर पर डेंगू के दौरान पपीते के पत्तों के जूस को लेकर काफी चर्चा होती है। हालांकि, डेंगू के इलाज या प्लेटलेट्स बढ़ाने में इसकी प्रभावशीलता को लेकर पर्याप्त मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं, इसलिए इसे डॉक्टर के इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

डेंगू में प्लेटलेट्स को लेकर क्या दावा है?

डेंगू के दौरान प्लेटलेट्स कम होना आम समस्या हो सकती है। पपीते के पत्तों के जूस को लेकर यह दावा किया जाता है कि यह प्लेटलेट काउंट बढ़ाने में मदद कर सकता है। हालांकि, डेंगू में प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए पपीते के पत्तों के जूस को मानक उपचार नहीं माना जाता। डेंगू होने पर डॉक्टर की निगरानी और पर्याप्त तरल पदार्थ लेना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

पाचन के लिए भी किया जाता है इस्तेमाल

पपीते के पत्तों में कुछ एंजाइम और अन्य जैव सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं। इसी वजह से पारंपरिक रूप से इनके जूस का इस्तेमाल पाचन से जुड़ी समस्याओं में किया जाता रहा है। हालांकि, पपीते के पत्तों का जूस पाचन संबंधी हर समस्या का इलाज करता है, ऐसा प्रमाणित नहीं है।

पीरियड्स के दर्द में राहत का दावा

पपीते के पत्तों के जूस को मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द और ऐंठन में राहत के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इस दावे को साबित करने के लिए पर्याप्त उच्च गुणवत्ता वाले वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। लगातार या बहुत अधिक दर्द होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

इम्यूनिटी बढ़ाने को लेकर भी चर्चा

पपीते के पत्तों में एंटीऑक्सीडेंट और कई जैव सक्रिय तत्व पाए जाते हैं, लेकिन इनके जूस को सीधे तौर पर इम्यूनिटी बढ़ाने या वायरल संक्रमण से बचाने वाला इलाज मानना सही नहीं है। शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बेहतर रखने के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और स्वस्थ जीवनशैली ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।

आयरन की कमी में भी न करें खुद से इस्तेमाल

पपीते के पत्तों के जूस को आयरन की कमी दूर करने वाला उपाय भी बताया जाता है, लेकिन एनीमिया या आयरन की कमी का इलाज इसके भरोसे नहीं करना चाहिए। आयरन की कमी होने पर इसकी वजह जानना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार आयरन युक्त आहार या दवा लेना जरूरी है।

डेंगू के मामले में खास सावधानी बरतना जरूरी है। तेज बुखार, लगातार उल्टी, पेट में तेज दर्द, खून आना, अत्यधिक कमजोरी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लें। पपीते के पत्तों के जूस का सेवन करने से पहले भी डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है, खासकर अगर कोई व्यक्ति पहले से दवाएं ले रहा हो।

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