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पितृपक्ष में भूलकर भी फ्रिज में न रखें गूंथा हुआ आटा, धार्मिक मान्यता के साथ जानें क्या है वैज्ञानिक कारण

नई दिल्ली: पितृपक्ष को हिंदू धर्म में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट करने का महत्वपूर्ण समय माना जाता है। इस दौरान परिवारों में पूर्वजों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किए जाते हैं। मान्यता है कि इन धार्मिक कर्मों से पितर प्रसन्न होते हैं और परिवार को आशीर्वाद देते हैं। पितृपक्ष से जुड़े कई ऐसे नियम भी बताए गए हैं, जिनका पालन करना जरूरी माना जाता है। इन्हीं में से एक नियम गूंथे हुए आटे को लेकर है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान रात में गूंथा हुआ आटा फ्रिज में रखकर नहीं रखना चाहिए। बासी आटे की रोटी खाने से भी परहेज करने की बात कही गई है। इसके पीछे धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ कुछ वैज्ञानिक कारण भी बताए जाते हैं।

गूंथे हुए आटे को लेकर क्या है धार्मिक मान्यता?

हिंदू धर्मशास्त्रों में बासी भोजन को भूत का भोजन माना गया है। इसी मान्यता के चलते पितृपक्ष के दौरान फ्रिज में रखा हुआ बासी गूंथा आटा पिंड के समान माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, गूंथे हुए आटे को फ्रिज में रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है और इसका जीवन पर अशुभ प्रभाव पड़ सकता है। ऐसी मान्यता है कि इससे परिवार में रोग, क्लेश और अशांति की स्थिति बनी रह सकती है।

आटे को फ्रिज में रखने के पीछे बताया जाता है वैज्ञानिक कारण

गूंथे हुए आटे को लंबे समय तक फ्रिज में रखने से परहेज करने के पीछे धार्मिक मान्यताओं के अलावा वैज्ञानिक कारण भी बताए जाते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, बासी आटे से बनी रोटियां शरीर में विषैले तत्व पैदा कर सकती हैं। आटा गूंथने के बाद उसमें रासायनिक प्रक्रियाएं शुरू हो जाती हैं। ऐसे में इसे लंबे समय तक फ्रिज में रखने पर ठंडक और नमी के कारण फर्मेंटेशन की प्रक्रिया तेज हो सकती है।

बासी आटे से बढ़ सकता है पाचन संबंधी परेशानी का खतरा

बताया जाता है कि लंबे समय तक रखे गूंथे आटे में हानिकारक बैक्टीरिया पनप सकते हैं। इसके अलावा फ्रिज की नमी और उससे निकलने वाली कुछ हानिकारक तरंगों को भी आटे की गुणवत्ता प्रभावित करने वाला बताया गया है। ऐसे में बासी आटे से बनी रोटियां पचाने में कठिनाई हो सकती है। इससे गैस, एसिडिटी, फूड पॉइजनिंग और संक्रमण जैसी पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ने की बात कही जाती है।

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