MP में मानव तस्करी के कथित नेटवर्क का खुलासा, बांग्लादेश से लाई गईं 4 युवतियां अलीगढ़ से बरामद; कश्मीर में शादी कराने की थी तैयारी

ग्वालियर: ग्वालियर पुलिस ने मानव तस्करी के कथित नेटवर्क का खुलासा करते हुए म्यांमार के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अलीगढ़ से म्यांमार की चार युवतियों को बरामद किया है, जिनमें दो नाबालिग बताई गई हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवतियों को बांग्लादेश के शरणार्थी शिविर से अवैध तरीके से भारत लाया गया था और उन्हें कश्मीर ले जाकर शादी कराने की तैयारी थी। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और युवतियों को भारत लाने के रास्ते की जानकारी जुटा रही है।
खुफिया सूचना के बाद ट्रेन में शुरू हुई जांच
ग्वालियर जीआरपी को शनिवार को भोपाल से सूचना मिली थी कि स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 12643 के सामान्य डिब्बे में म्यांमार का एक संदिग्ध युवक यात्रा कर रहा है। सूचना में आशंका जताई गई थी कि युवक मानव तस्करी से जुड़ी गतिविधियों में शामिल हो सकता है।
सूचना मिलने के बाद ग्वालियर जीआरपी थाना प्रभारी दीपशिखा सिंह तोमर ने पुलिस टीम के साथ ट्रेन में जांच शुरू की।
म्यांमार के 25 वर्षीय युवक मुबीन को पकड़ा
तलाशी के दौरान पुलिस ने म्यांमार निवासी 25 वर्षीय मुबीन को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, मुबीन हैदराबाद में रह रहा था। पूछताछ के दौरान उससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने उसके एक अन्य साथी का पता लगाया।
पुलिस को जानकारी मिली कि म्यांमार का 35 वर्षीय मोहम्मद हसन अलीगढ़ में कुछ युवतियों के साथ मौजूद है।
अलीगढ़ में दबिश देकर 4 युवतियों को कराया बरामद
मुबीन से मिली जानकारी के बाद ग्वालियर जीआरपी की टीम अलीगढ़ पहुंची और वहां दबिश दी। पुलिस के अनुसार, मोहम्मद हसन के कब्जे से चार युवतियों को बरामद किया गया। इनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं।
पुलिस ने दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया है और अब उनसे पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
दो युवतियां नाबालिग, भाषा बनी पूछताछ में चुनौती
पुलिस के मुताबिक, बरामद चारों युवतियों को रोहिंग्या और स्थानीय भाषा आती थी। भाषा संबंधी परेशानी के कारण पुलिस को शुरुआत में उनसे जानकारी जुटाने में कठिनाई हुई। इसके बाद दुभाषिए की मदद से युवतियों से बातचीत की गई और उनके बारे में जरूरी जानकारी जुटाई गई।
बांग्लादेश के शरणार्थी शिविर से भारत लाने का दावा
प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला है कि युवतियों को बांग्लादेश के कुतुपालोंग शरणार्थी शिविर से कथित तौर पर अवैध तरीके से भारत लाया गया था। इसके बाद उन्हें अलग-अलग स्थानों से होते हुए कश्मीर ले जाने की तैयारी की जा रही थी।
पुलिस के अनुसार, कश्मीर में इन युवतियों की शादी कराने की योजना थी। हालांकि, इस पूरी योजना के पीछे कौन लोग शामिल थे और इसकी वास्तविक प्रक्रिया क्या थी, इसकी जांच अभी जारी है।
भारत में दाखिल होने के रास्ते से लेकर नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस
ग्वालियर जीआरपी अब यह पता लगाने में जुटी है कि युवतियों को भारत में किस रास्ते से लाया गया था। इसके अलावा पुलिस इस कथित मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि युवतियों को कश्मीर ले जाने और वहां शादी कराने की योजना के पीछे कौन लोग थे। दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इस नेटवर्क की अन्य कड़ियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।



