इमरान समर्थकों के लॉन्ग मार्च के बीच शहबाज शरीफ ने बढ़ाया बातचीत का हाथ, रखी ये शर्त

लाहौर। पाकिस्तान में इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के लॉन्ग मार्च के बीच प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बातचीत की पेशकश की है। हालांकि, सरकार ने इसके साथ एक शर्त भी रखी है। शहबाज शरीफ ने कहा कि अगर PTI इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहे अपने लॉन्ग मार्च को तत्काल रोक देती है, तो सरकार विपक्ष के साथ बातचीत के लिए तैयार है।
राजधानी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शरीफ ने PTI नेतृत्व से प्रदर्शन की राजनीति छोड़कर बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लगातार सड़क पर विरोध प्रदर्शन से देश में दोबारा राजनीतिक अस्थिरता का दौर शुरू हो सकता है।
राजनीतिक अस्थिरता को लेकर चेतावनी
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि देश पहले ही लंबे समय तक राजनीतिक उथल-पुथल का सामना कर चुका है। ऐसे में फिर से वही हालात पैदा करना पाकिस्तान के हित में नहीं होगा। उन्होंने PTI से टकराव का रास्ता छोड़कर संवाद के जरिए समाधान तलाशने को कहा।
बातचीत बेनतीजा रहने के बाद आया बयान
शहबाज शरीफ का यह बयान सरकार और PTI के बीच बातचीत विफल रहने के बाद आया है। हाल ही में नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक के चैंबर में दोनों पक्षों के बीच वार्ता हुई थी, लेकिन किसी समझौते पर सहमति नहीं बन सकी।
शरीफ ने PTI नेतृत्व पर बातचीत को गंभीरता से आगे नहीं बढ़ाने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि वार्ता के दौरान जिन मुद्दों पर शुरुआती सहमति बनी थी, बाद में PTI ने उनमें बदलाव कर दिया। सरकार के मुताबिक, राजनीतिक तनाव कम करने और विवादों का समाधान निकालने के लिए बातचीत शुरू की गई थी, लेकिन विपक्ष ने टकराव का रास्ता जारी रखा।
अर्थव्यवस्था को लेकर भी जताई चिंता
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को लेकर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि करीब ढाई साल की आर्थिक स्थिरीकरण प्रक्रिया के बाद अब देश की अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत नजर आने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग, रेमिटेंस और निर्यात के क्षेत्र में सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। ऐसे समय में लंबे धरने और राजनीतिक मार्च से कारोबारी गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। इसका सीधा असर आर्थिक विकास और राष्ट्रीय हितों पर पड़ सकता है।
बातचीत के साथ कार्रवाई का भी संकेत
शहबाज शरीफ ने स्पष्ट किया कि संघीय सरकार PTI के साथ बैठकर संवैधानिक तरीके से राजनीतिक विवादों का शांतिपूर्ण समाधान निकालने के लिए तैयार है। लेकिन उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि इस्लामाबाद की ओर मार्च जारी रखते हुए सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश के बीच नई बातचीत नहीं होगी।
सरकार के मुताबिक, राजनीतिक संवाद का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है, लेकिन राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। शरीफ ने संकेत दिया कि अगर प्रदर्शन के कारण सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होती है या इस्लामाबाद को ठप करने की कोशिश की जाती है, तो कानून लागू कराने वाली एजेंसियां कार्रवाई कर सकती हैं।



