देहरादून: अजीत डोभाल भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रमुख रणनीतिक स्तंभ हैं और उनके पद और भूमिका की गरिमा का संरक्षण न केवल उत्तराखंड बल्कि समूचे भारत का विषय है। ऐसा मानना है उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी का। दरअसल , राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की टिप्पणियों पर उत्तराखंड में तीखी प्रतिक्रिया हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि देवभूमि के लाल का अपमान राज्यवासी किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं करेंगे। साथ ही इस मामले में उत्तराखंड कांग्रेस से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने सवाल किया कि प्रदेश कांग्रेस के नेता अपने शीर्ष नेतृत्व से इस संबंध में सवाल करेंगे या फिर राहुल गांधी के बयानों का समर्थन करते रहेंगे।
धामी इस बात को समझते हैं कि सरकार में जिन लोगों की क्रेडिबिलिटी पर कोई सवाल खड़े होने की बात ही नहीं आती , यदि उनकी भूमिकाओं को संदेह के दायरे में लाने का प्रयास राहुल गांधी जैसे लोगों द्वारा किया जाता है, तो ये एक सोची समझी चाल है। यह ट्रस्ट डेफिसिट पैदा करने का प्रयास है जिससे सरकार अथवा बीजेपी के उन अहम नेताओं जो निष्पक्ष भूमिका के लिए जाने जाते हैं, उनको भी कटघरे में खड़ा कर दिया जाय, जिससे हर छोटे बड़े स्तर के नेता के खिलाफ जब मन में आए तब आसानी से आरोप लगाएं जा सकें।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि एनएसए डोभाल ने देश की सुरक्षा और सामरिक हितों के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर राजनीतिक टिप्पणी करते समय नेताओं को अपनी भाषा और तथ्यों की गंभीरता का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि डोभाल को बार-बार निशाना बनाने के मामले में उत्तराखंड कांग्रेस के नेताओं को अपना पक्ष सार्वजनिक करना चाहिए।
उन्होंने प्रदेश कांग्रेस के नेताओं से सवाल किया कि क्या वे अपने शीर्ष नेतृत्व से राहुल गांधी की टिप्पणियों के संबंध में सवाल पूछेंगे। क्या वे उत्तराखंड के सपूत अजीत डोभाल के प्रति अपना सम्मान सार्वजनिक रूप से व्यक्त करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह प्रदेश के गौरव के साथ खड़ी है या राहुल गांधी के बयानों के समर्थन में।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के बीच मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा तथ्यात्मक और जिम्मेदारीपूर्ण होनी चाहिए। सार्वजनिक संवाद में मर्यादा बनाए रखना सभी नेताओं का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने राष्ट्रसेवा, सैन्य पराक्रम और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले अनेक सपूत देश को दिए हैं। प्रदेश को उनकी उपलब्धियों पर गर्व है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपने सपूतों के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगी।
क्या हैं राहुल गांधी के आरोप :
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल पर देश के नागरिकों की डिजिटल निगरानी और फोन टैपिंग से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी ने एक वीडियो बयान में आरोप लगाया कि अजित डोभाल के पास देश के लोगों के फोन, व्हाट्सएप और फेसबुक की जानकारियां रहती हैं और फोन टैप कराए जाते हैं, जिसकी जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंचाई जाती है। रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी ने अजित डोभाल को देश का ‘विलेन’ (खलनायक) भी करार दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में भारी विवाद खड़ा हो गया है। इस बयान के बाद भाजपा और कई पूर्व सैन्य अधिकारियों ने राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कई नेताओं ने इसे देवभूमि उत्तराखंड और देश के सैनिकों के सम्मान के खिलाफ बताया है।





