
यूपी पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट के आदेश से गांवों में बढ़ी हलचल, ग्राम प्रधान से जिला पंचायत सदस्य तक दावेदार एक्टिव
अमेठी: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद गांवों में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने के निर्देश के बाद ग्राम प्रधान से लेकर क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत सदस्य पद के संभावित उम्मीदवार सक्रिय हो गए हैं। लंबे समय से चुनाव कार्यक्रम का इंतजार कर रहे दावेदार अब मतदाताओं से संपर्क साधने और अपने चुनावी समीकरण मजबूत करने में जुट गए हैं।
चौपाल से सामाजिक आयोजनों तक बढ़ी उम्मीदवारों की सक्रियता
हाईकोर्ट के आदेश के बाद ग्रामीण इलाकों में पंचायत चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। संभावित उम्मीदवार गांवों में लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। कोई चौपाल पर पहुंचकर ग्रामीणों का हालचाल पूछ रहा है तो कोई सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों के जरिए मतदाताओं के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है।
ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य पद के दावेदार अपने समर्थकों के साथ चुनावी तैयारियों में जुटने लगे हैं। हालांकि, चुनाव की तारीखों और आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा को लेकर अभी उम्मीदवारों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर है।
अमेठी की 682 ग्राम पंचायतों में होगा चुनाव
अमेठी जिले में पंचायत चुनाव के तहत 682 ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान पद के लिए मतदान होना है। इसके अलावा जिले में 877 क्षेत्र पंचायत सदस्य, 13 ब्लॉक प्रमुख और 36 जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए भी चुनाव कराया जाएगा।
इन पदों को लेकर संभावित उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क बढ़ा रहे हैं। समर्थकों के साथ बैठकें करने और मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिशें भी तेज हो गई हैं।
अमेठी में 16.16 लाख से अधिक मतदाता
जिले की अंतिम मतदाता सूची के मुताबिक, अमेठी में कुल 16,16,891 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 8,34,064 पुरुष और 7,82,827 महिला मतदाता शामिल हैं।
मतदाता सूची के आंकड़े बताते हैं कि पंचायत चुनाव में बड़ी संख्या में ग्रामीण मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद संभावित प्रत्याशियों ने भी चुनावी तैयारियों को गति देना शुरू कर दिया है।
934 मतदान केंद्र और 2,489 मतदेय स्थल निर्धारित
अमेठी जिले में पंचायत चुनाव के लिए 934 मतदान केंद्र और 2,489 मतदेय स्थल निर्धारित किए गए हैं। चुनाव के दौरान इन्हीं केंद्रों और स्थलों पर मतदान की व्यवस्था की जाएगी।
अब चुनाव कार्यक्रम की घोषणा और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पर सबकी नजर है। जैसे-जैसे चुनाव की तारीखों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी, वैसे-वैसे गांवों में राजनीतिक गतिविधियों के और तेज होने की संभावना है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद चुनावी तैयारियों को मिली गति
पंचायत चुनाव लंबे समय से चर्चा का विषय बने हुए हैं। हाईकोर्ट के तीन महीने के भीतर चुनाव कराने संबंधी आदेश के बाद संभावित उम्मीदवारों में नई उम्मीद जगी है। हालांकि, चुनाव की वास्तविक तारीखों, नामांकन और मतदान की समय-सारणी को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।



