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वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा में भूलकर भी न रखें ये चीजें, घर में सुख-शांति के लिए रखें इन बातों का ध्यान

उत्तर-पूर्व दिशा: वास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को बेहद शुभ और पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि इस दिशा का संबंध सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिकता से है। यही वजह है कि घर में इस कोने को साफ, खुला और हल्का रखने की सलाह दी जाती है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, यहां कुछ चीजें रखने से बचना चाहिए, ताकि घर का वातावरण शांत और व्यवस्थित बना रहे।

ईशान कोण को माना जाता है सबसे पवित्र

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की उत्तर और पूर्व दिशा के बीच का कोना ईशान कोण कहलाता है। इसे पूजा-पाठ, ध्यान और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए अनुकूल माना जाता है। मान्यता है कि इस दिशा को साफ-सुथरा और खुला रखने से घर में सकारात्मक माहौल बना रहता है।

ईशान कोण में न रखें भारी सामान

वास्तु मान्यताओं के अनुसार, उत्तर-पूर्व दिशा में भारी सामान रखने से बचना चाहिए। इस कोने में बड़ी अलमारी, बेड, सोफा या लोहे की भारी वस्तुएं रखने को उचित नहीं माना जाता। इसलिए घर की व्यवस्था करते समय इस दिशा को यथासंभव खाली और खुला रखने की सलाह दी जाती है।

उत्तर-पूर्व दिशा में न रखें जूते-चप्पल और कूड़ेदान

ईशान कोण में जूते-चप्पल, कूड़ेदान और गंदगी फैलाने वाली चीजें रखने से बचने की सलाह दी जाती है। वास्तु शास्त्र में इस दिशा की स्वच्छता को विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता के अनुसार, इस कोने को साफ रखने से घर का वातावरण बेहतर बना रहता है।

ईशान कोण में किचन और बाथरूम बनवाने से बचें

वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर-पूर्व दिशा में रसोई और बाथरूम बनवाना उचित नहीं माना जाता। मान्यता है कि इस दिशा में इनका निर्माण होने से घर में वास्तु संबंधी बाधाएं आ सकती हैं। हालांकि, ये वास्तु संबंधी पारंपरिक मान्यताएं हैं, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नियम नहीं।

झाड़ू-पोछा रखने से भी करें परहेज

ईशान कोण को पवित्र मानने की वजह से यहां झाड़ू, पोछा और सफाई से जुड़ी अन्य वस्तुएं रखने से बचने की सलाह दी जाती है। कोशिश करें कि इस हिस्से में अनावश्यक सामान जमा न हो और नियमित रूप से सफाई होती रहे।

ईशान कोण में रख सकते हैं ये चीजें

वास्तु मान्यताओं के अनुसार, उत्तर-पूर्व दिशा में पानी से भरा सजावटी कटोरा यानी उरली रखा जा सकता है। इसमें रोजाना पानी बदलकर ताजे फूल डालने की परंपरा भी है। इसके अलावा, इस दिशा में तुलसी का पौधा रखना भी शुभ माना जाता है। हालांकि, पौधे को पर्याप्त रोशनी और उचित देखभाल मिलना जरूरी है।

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