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राष्ट्रीय एकता दिवस पर PM मोदी ने सरदार पटेल को किया नमन, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर अर्पित की पुष्पांजलि

गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर एकता नगर स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भी लौह पुरुष को श्रद्धांजलि दी और देश की एकता व अखंडता के लिए उनके योगदान को याद किया। पार्टी ने लोगों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर सरदार पटेल को उनकी जयंती पर नमन किया। उन्होंने लिखा कि अखंड भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले लौह पुरुष ने अपना जीवन सशक्त, समृद्ध और समर्थ भारत के निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। देश की सेवा में उनका त्याग और समर्पण विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए बड़ी प्रेरणा है।

अमित शाह ने बताया आधुनिक भारत का शिल्पकार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट कर सरदार पटेल को आधुनिक भारत का शिल्पकार और राष्ट्रीय एकता व अखंडता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि पटेल के साहस और दूरदर्शिता ने देश की नींव मजबूत की।

शाह ने कहा कि सरदार पटेल ने अपने अदम्य साहस और दूरदर्शिता से रियासतों में बंटे देश को एकजुट किया। उन्होंने अखिल भारतीय सेवाओं की स्थापना करके देश की प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूत आधार दिया।

गृह मंत्री ने खेड़ा और बारडोली सत्याग्रह के जरिए किसानों के अधिकारों के लिए पटेल के संघर्ष को भी याद किया। उन्होंने इसे जनसेवा और नेतृत्व का अद्वितीय उदाहरण बताया। शाह के मुताबिक, पटेल का त्याग, समर्पण और देशभक्ति हर नागरिक को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण के लिए प्रेरित करती रहेगी।

बीजेपी नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश के लिए उनके योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। उन्होंने एक्स पर लिखा कि भारत रत्न से सम्मानित पटेल देश की एकता और अखंडता के प्रतीक थे। आधुनिक भारत के शिल्पकार के रूप में उन्होंने दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति का परिचय दिया।

बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने कहा कि सरदार पटेल ने सैकड़ों रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत की नींव मजबूत की थी। उनके दृढ़ संकल्प ने देश को एकता के सूत्र में बांधा और उनकी दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता ने राष्ट्र को मजबूत आधार दिया। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्र के प्रति समर्पण की मिसाल है।

बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक आशीष उषा अग्रवाल ने भी सरदार पटेल के राष्ट्र के प्रति समर्पण, अदम्य साहस और अखंड भारत के निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान को प्रेरणादायक बताया।

31 अक्टूबर को मनाया जाता है राष्ट्रीय एकता दिवस

लौह पुरुष के नाम से प्रसिद्ध सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। उनका निधन 15 दिसंबर 1950 को हुआ था। देश की आजादी के बाद वर्ष 1947 में वह भारत के पहले गृह मंत्री बने थे। उन्हें 560 से अधिक रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराने का श्रेय दिया जाता है।

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार वर्ष 2014 से हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मना रही है। इसका उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने तथा उसे मजबूत करने के प्रति लोगों की प्रतिबद्धता को बढ़ावा देना है।

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