भारतीय वैश्य संगम: द्विवार्षिक चुनाव में विपुल सिंघल अध्यक्ष, आशीष अग्रवाल महामंत्री निर्वाचित
दीपावली मिलन एवं वार्षिक आम सभा में समाजसेवा और जरूरतमंद परिवारों की सहायता का लिया संकल्प।
मेरठ। भारतीय वैश्य संगम, दिल्ली की वार्षिक आम सभा, द्विवार्षिक चुनाव एवं दीपावली मिलन समारोह का आयोजन 31 अक्टूबर 2026 को गढ़ रोड स्थित सात फेरे बैंक्वेट में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय वैश्य संगम के मुख्य संरक्षक एवं शोभित विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कुंवर शेखर विजेंद्र, मुकेश मित्तल, आशीष अग्रवाल, विपुल सिंघल, मुख्य चुनाव अधिकारी ईसीपी गुप्ता एवं ई. सतीश चंद्रा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। राष्ट्रीय अधिवेशन एवं कार्यक्रम का मंच संचालन विपुल सिंघल ने किया। अंत में मुकुल सिंघल ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
द्विवार्षिक चुनाव में नई कार्यकारिणी निर्विरोध निर्वाचित
द्विवार्षिक चुनाव की प्रक्रिया मुख्य चुनाव अधिकारी ईसीपी गुप्ता एवं ई. सतीश चंद्रा की देखरेख में संपन्न हुई। सर्वसम्मति से मुकेश मित्तल को अध्यक्ष चुना गया, लेकिन उन्होंने अपनी व्यापारिक एवं पारिवारिक व्यस्तताओं के चलते अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभाने में असमर्थता व्यक्त करते हुए विपुल सिंघल के नाम का प्रस्ताव रखा। उपस्थित सदस्यों ने इस प्रस्ताव का सर्वसम्मति से समर्थन किया।
इसके पश्चात विपुल सिंघल को अध्यक्ष, आशीष अग्रवाल को महामंत्री तथा नवीन अग्रवाल को कोषाध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। वहीं कार्यकारिणी सदस्य के रूप में मुकुल मित्तल, राघव गर्ग, आलोक रस्तोगी एवं डॉ. विशाल जैन निर्विरोध निर्वाचित हुए। संस्था के निवर्तमान अध्यक्ष मुकेश मित्तल को मुख्य संरक्षक कुंवर शेखर विजेंद्र ने संस्था का संरक्षक मनोनीत किया।
वैश्य समाज केवल व्यापार करने वाला समाज नहीं
मुख्य अतिथि कुंवर शेखर विजेंद्र ने अपने संबोधन में कहा कि वैश्य समाज केवल व्यापार करने वाला समाज नहीं है, बल्कि यह समाज को बनाने, जोड़ने और आगे बढ़ाने की क्षमता रखने वाला समाज है। बनिये का अर्थ केवल व्यवसाय करना नहीं, बल्कि अपनी उद्यमशीलता, परिश्रम, ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी के माध्यम से राष्ट्र की आर्थिक एवं सामाजिक उन्नति में योगदान देना भी है।
दीपावली केवल अपने घरों को रोशन करने का पर्व नहीं
उन्होंने कहा कि दीपावली केवल अपने घरों को रोशन करने का पर्व नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में भी खुशियों और उम्मीदों का उजाला फैलाने का अवसर है। समाज के संपन्न एवं सक्षम परिवारों को चाहिए कि वे ऐसे जरूरतमंद और असमर्थ वैश्य परिवारों की पहचान करें, जो आर्थिक कठिनाइयों के कारण त्योहार की खुशियों से वंचित रह जाते हैं, और उनके घरों में भी दीपावली का प्रकाश पहुंचाने का प्रयास करें।
उन्होंने आगे कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, परस्पर सहयोग और सेवा भावना में निहित है। यदि हम एक-दूसरे का हाथ थामकर आगे बढ़ेंगे और जरूरतमंदों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास करेंगे, तो न केवल वैश्य समाज बल्कि संपूर्ण देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे।
समाज की मुख्यधारा से जोड़ना
नवनिर्वाचित अध्यक्ष विपुल सिंघल ने कहा कि भारतीय वैश्य संगम का मूल उद्देश्य समाज के वंचित एवं जरूरतमंद लोगों की पहचान करना, उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप यथासंभव सहायता उपलब्ध कराना तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। संस्था केवल सामाजिक संगठन के रूप में ही नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाती रहेगी।
उन्होंने कहा कि संस्था को और अधिक सशक्त एवं व्यापक बनाने के लिए सभी सदस्यों को साथ लेकर कार्य किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि भारतीय वैश्य संगम का संगठनात्मक विस्तार देश के 16 प्रदेशों एवं 11 अन्य देशों तक है।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
समारोह के अवसर पर डॉ. सोमिल गुप्ता के नेतृत्व में सदस्यों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों की रक्त संबंधी विभिन्न जांचें निःशुल्क की गईं। कार्यक्रम में राजेंद्र कुमार, अशोक अग्रवाल, एम. एस. जैन, सतनारायण गुप्ता, पीयूष आयुष गुप्ता, विकास गुप्ता, अनुपमा रस्तोगी, रुचि गुप्ता, अशोक गोयल, अरविंद गुप्ता, आशीष गुप्ता सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति एवं संस्था के सदस्य उपस्थित रहे।



