अन्तर्राष्ट्रीय

भूटान में पवित्र स्तूपों के निर्माण में शामिल होने पहुंचे किरेन रिजिजू, बताया ऐतिहासिक क्षण

नई दिल्ली ( दस्तक डेस्क) : भूटान के गेलेफू में 108 जंगचूब चोर्टेन (स्तूपों) के निर्माण की शुरुआत पारंपरिक तुरहियों और ‘ओम मणि पद्मे हुम’ मंत्रोच्चार के साथ हुई। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू इस पवित्र समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करने पहुंचे। करुणा के मंत्र और पारंपरिक तुरहियों की गूंज के साथ भूटान में आध्यात्मिक निर्माण की एक नई श्रृंखला शुरू हुई है।

इन पारंपरिक तुरहियों को आत्माओं और देवताओं के आह्वान करने के लिए बजाया जाता है। इसके साथ ही करुणा के मंत्र ‘ओम मणि पद्मे हुम’ का सामूहिक जाप भी किया गया।

यह मंत्र तिब्बती बौद्ध धर्म में सबसे प्रसिद्ध है और इसका व्यापक रूप से जाप किया जाता है। इस समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने किया। इसमें लगभग 40,000 प्रशिक्षित स्वयंसेवक (सामूहिक श्रम के जरिए) और बौद्ध भिक्षु भाग ले रहे हैं। भारत के नालंदा विश्वविद्यालय के छात्रों का एक दल भी इसमें शामिल होने पहुंचा है। नालंदा विश्वविद्यालय के 55 भूटानी छात्रों का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल आज भूटान स्थित ‘गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी’ में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक ‘प्रोजेक्ट 108’ में भाग लेगा।

क्या है भूटान का प्रोजेक्ट 108 :

भूटान का प्रोजेक्ट 108 विश्व शांति और आध्यात्मिक कल्याण के लिए राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक की एक ऐतिहासिक पहल है। यह आयोजन दक्षिणी भूटान के सरपांग जिले में स्थित गेलेफो माइंडफुलनेस सिटी (GMC) में माओ छू नदी के किनारे हो रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत विश्व शांति, करुणा और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के लिए 108 बौद्ध स्तूपों (जांगचूब चोर्टेन) का निर्माण किया जा रहा है।

Related Articles

Back to top button