चक्रवात अर्नब के बाद नए चक्रवात मुरासु के मंगलवार को आंध्र प्रदेश पहुंचने की संभावना

नई दिल्ली ( दस्तक डेस्क) : चक्रवात अर्नब के बाद बंगाल की खाड़ी में एक और चक्रवाती तूफान का खतरा मंडरा रहा है। बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब और तेज होकर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इस तूफान का नाम ‘मुरासु’ रखा गया है। मुरासु’ नाम भारत द्वारा सुझाया गया है, जिसका तमिल भाषा में अर्थ ‘ढोल या नगाड़ा’ होता है (प्राचीन काल में इसे गांव और राज्यों में सूचनाएं देने के लिए बजाया जाता था)
मौसम विभाग के अनुसार, यह तूफान मंगलवार सुबह दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र (डिप्रेशन) गहराकर ‘चक्रवात मुरासु’ (Cyclone Murasu) का रूप ले चुका है, जो हाल ही में आए चक्रवात ‘अर्नब’ के बाद पूर्वी तट की ओर बढ़ रहा है।
यह गंभीर चक्रवाती तूफान 3 नवंबर 2026 की सुबह आंध्र प्रदेश के तट पर नेल्लोर और नरसपुर के बीच टकरा सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जो झोंकों के साथ 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके प्रभाव की बात करें तो आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, और ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। तमिलनाडु और पुडुचेरी के यानम में भी असर दिखेगा। समुद्र की स्थिति बेहद खतरनाक होने के कारण मछुआरों को कम से कम बुधवार दोपहर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
ओडिशा सरकार ने भी खतरे को देखते हुए तैयारी शुरू कर दी है। मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि भूस्खलन की आशंका के चलते पहाड़ियों की तलहटी में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है। तमिलनाडु और केरल में भी बारिश की संभावना है।
अर्नब के बाद बन रहा यह नया सिस्टम पूर्वी तट के लिए एक और चुनौती बन सकता है। खासकर दक्षिणी ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश की आशंका है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान-निकोबार के आसपास बना अच्छी तरह चिह्नित कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके पहले डिप्रेशन और फिर चक्रवाती तूफान में बदलने का अनुमान है। हालांकि इसकी वास्तविक ताकत और रास्ता आगे के मौसम अपडेट पर निर्भर करेगा। फिलहाल ओडिशा प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधान रहने और जरूरत पड़ने पर घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।



