
जालंधर: पंजाब में एक बार फिर सरकारी बसों का संचालन प्रभावित होने जा रहा है। पनबस और पीआरटीसी के ठेका कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 16 नवंबर से तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि इस दौरान भी सरकार ने उनकी मांगें पूरी नहीं कीं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। ऐसे में राज्य में बसों से सफर करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
पहले भी बंद हो चुका है बसों का संचालन
इससे पहले यूनियन ने 21 अक्टूबर से हड़ताल शुरू की थी। उस दौरान करीब 7,500 कर्मचारी काम छोड़कर हड़ताल पर चले गए थे, जिसके चलते लगभग 3,000 बसों का संचालन ठप हो गया था। 24 अक्टूबर को प्रबंधन की ओर से 29 अक्टूबर तक मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद यूनियन ने हड़ताल स्थगित कर दी थी, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीतने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे कर्मचारियों में एक बार फिर नाराजगी बढ़ गई है।
राज्य स्तरीय बैठक में संघर्ष तेज करने का फैसला
पनबस/पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब की राज्य स्तरीय बैठक में विभिन्न डिपो के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में लंबे समय से लंबित मांगों और सरकार की ओर से किए गए वादों को पूरा नहीं किए जाने पर चर्चा हुई। इसके बाद कर्मचारियों ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज करने का निर्णय लिया।
यूनियन के प्रदेश प्रधान रेशम सिंह गिल, महासचिव शमशेर सिंह ढिल्लों और कमल कुमार ने कहा कि ठेका कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए पनबस के सर्विस रूल्स कैबिनेट से पारित कराने का भरोसा दिया गया था। इसके अलावा आउटसोर्स कर्मचारियों को 14 अगस्त के बिल/एक्ट के अनुसार ठेका व्यवस्था में शामिल करने के लिए दो दिन का समय मांगा गया था, लेकिन इस दिशा में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कर्मचारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग
यूनियन नेताओं ने बताया कि आंदोलन के दौरान कर्मचारियों पर दर्ज मुकदमे रद्द करने और नई भर्ती के कर्मचारियों को ठेका व्यवस्था में शामिल करने के मुद्दे पर दूसरी कमेटी के माध्यम से विचार करने का आश्वासन दिया गया था। जगजीत सिंह लिबड़ा, रोही राम और जोध सिंह ने आरोप लगाया कि बैठकों में भरोसा देने के बावजूद मांगों को लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने इसे कर्मचारियों के साथ धोखा बताया।
5 से 16 नवंबर तक आंदोलन का पूरा कार्यक्रम घोषित
यूनियन ने सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने के लिए चरणबद्ध कार्यक्रम जारी किया है। इसके तहत 5 नवंबर से रोष प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे। 8 नवंबर के बाद पंजाब सरकार की राजनीतिक रैलियों का विरोध किया जाएगा। वहीं, 10 नवंबर को प्रदेश के सभी बस डिपो के बाहर गेट रैलियां आयोजित कर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 16 नवंबर से तीन दिवसीय हड़ताल शुरू होगी।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
यूनियन के वरिष्ठ उपप्रधान हरकेश कुमार विक्की, बलजिंदर सिंह और जलोर सिंह ने कहा कि कर्मचारी अब सरकार के आश्वासनों के भरोसे नहीं रहेंगे। उनकी प्रमुख मांगों में आउटसोर्स कर्मचारियों को ठेका व्यवस्था में शामिल करने के आदेश जारी करना, पनबस के सर्विस रूल्स को कैबिनेट से मंजूरी दिलाना और ठेका कर्मचारियों को नियमित करने का रास्ता साफ करना शामिल है। इसके साथ ही आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग भी उठाई गई है।
यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि निर्धारित कार्यक्रम से पहले मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और व्यापक किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार और परिवहन विभाग के प्रबंधन की होगी।



