
चंडीगढ़: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले प्रदेश की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है। आम आदमी पार्टी (AAP) से इस्तीफा देने वाले तीन विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा, हरमीत सिंह पठानमाजरा और कुंवर विजय प्रताप सिंह भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए हैं। तीनों नेताओं के इस फैसले से पंजाब में सियासी समीकरण बदलने के संकेत मिल रहे हैं।
तीनों विधायक अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से थे प्रतिनिधि
भाजपा में शामिल हुए तीनों नेता पंजाब की अलग-अलग विधानसभा सीटों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। कुंवर विजय प्रताप सिंह अमृतसर नॉर्थ, चेतन सिंह जौड़ामाजरा समाना और हरमीत सिंह पठानमाजरा सनौर विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे। इन तीनों के पार्टी छोड़ने से आम आदमी पार्टी को चुनाव से पहले राजनीतिक झटका लगा है।
40 उम्मीदवारों की पहली सूची के बाद बढ़ी थी नाराजगी
इन विधायकों के इस्तीफे का घटनाक्रम आम आदमी पार्टी की ओर से 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने के तुरंत बाद सामने आया। इससे पहले पार्टी ने समाना और सनौर विधानसभा क्षेत्रों में नए हलका इंचार्ज भी नियुक्त किए थे। इन नियुक्तियों के बाद मौजूदा विधायकों के दोबारा चुनाव लड़ने के लिए टिकट मिलने को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं।
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने इस्तीफे में उठाया था माई-बाप संस्कृति का मुद्दा
कुंवर विजय प्रताप सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेजते हुए राजनीति से ‘माई-बाप कल्चर’ खत्म करने को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताया था। इससे पहले जून 2025 में आम आदमी पार्टी ने कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में उन्हें पांच साल के लिए निलंबित कर दिया था।
दो विधायकों की सदस्यता रद्द कराने की तैयारी में AAP
इस घटनाक्रम के बाद आम आदमी पार्टी ने चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा की विधानसभा सदस्यता रद्द कराने के लिए विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष जाने की बात कही है। पार्टी के इस रुख से आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति में टकराव और बढ़ने की संभावना है।
2027 के चुनाव से पहले भाजपा को मिली नई राजनीतिक मजबूती
पंजाब में तीन विधायकों का भाजपा में शामिल होना आगामी विधानसभा चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ भाजपा प्रदेश में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटी है, वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के सामने अपने संगठन और चुनावी रणनीति को लेकर नई चुनौती खड़ी हो गई है।



