उज्जैन में बनेगी भगवान श्रीकृष्ण पर देश की खास रिसर्च लाइब्रेरी, दुर्लभ पांडुलिपियों से लेकर शोध तक होंगे संरक्षित; CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, विचारों और शिक्षाओं पर केंद्रित अत्याधुनिक शोध पुस्तकालय स्थापित किया जाएगा। इसमें भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी दुर्लभ पांडुलिपियों और शोध पत्रों को सुरक्षित रखा जाएगा। इसके साथ ही शोध, वृत्तचित्र, नाटक और संगीत श्रृंखलाओं के लिए एक विशेष डिजिटल मंच भी तैयार करने की योजना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मंत्रालय में श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की कार्यसमिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस दिशा में जरूरी निर्देश दिए।
जीवन प्रबंधन से कृषि तक, श्रीकृष्ण के विचारों पर होंगे विचार-विमर्श
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के विचार आज भी जीवन प्रबंधन, अर्थव्यवस्था, कृषि और गौ-संवर्धन जैसे महत्वपूर्ण विषयों में मार्गदर्शन देने की क्षमता रखते हैं। इन विषयों को व्यापक स्तर पर सामने लाने के लिए प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर विचार सत्र तथा संगोष्ठियां आयोजित की जानी चाहिए। इसके माध्यम से श्रीकृष्ण के दर्शन और उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
सांदीपनि आश्रम समेत श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन स्थित सांदीपनि गुरुकुल में शिक्षा प्राप्त की थी। इसके अलावा मध्य प्रदेश के अलग-अलग स्थानों से भी उनकी यात्राओं और जीवन से जुड़े प्रसंग मिलते हैं। ऐसे सभी स्थलों का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है तथा इन्हें आम लोगों के लिए तीर्थ के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इन स्थानों के विकास में कृष्ण भक्ति से जुड़ी संस्थाओं का सहयोग लेने के निर्देश भी दिए।
मंदिरों की जमीन से आय बढ़ाने और गौशालाओं को मजबूत करने पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों के संरक्षण, विकास और बेहतर प्रबंधन को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिए कि मंदिरों से जुड़ी जमीनों का इस्तेमाल मंदिरों की व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए किया जाए। इसके लिए मंदिर परिसरों की भूमि पर खेती के साथ अन्य व्यावसायिक गतिविधियां शुरू करने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने यह सुझाव भी दिया कि बड़े मंदिरों की आय का एक हिस्सा आसपास की गौशालाओं और वृंदावन गांवों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में लगाया जा सकता है। इसके अलावा मंदिरों में मौजूद जल संरचनाओं के संरक्षण और जीर्णोद्धार का काम जल गंगा अभियान के तहत कराने के निर्देश दिए गए।
प्रदेश के 3200 से अधिक मंदिरों के रखरखाव की तैयारी
बैठक में जानकारी दी गई कि मध्य प्रदेश के 3200 से अधिक मंदिरों के रखरखाव, प्रवेश द्वारों के निर्माण और श्रीकृष्ण पाथेय से संबंधित जल संरचनाओं के संरक्षण के लिए निर्देश जारी किए जा चुके हैं। उज्जैन स्थित सांदीपनि आश्रम के विकास और जीर्णोद्धार के लिए भूमि-पूजन भी किया जा चुका है।
कई जिलों में चल रही विकास परियोजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान श्रीकृष्ण पाथेय योजना के तहत प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर संचालित विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया। इनमें महिदपुर का नारायण धाम, छतरपुर का श्रीकृष्ण धाम, इंदौर के महू स्थित जानापाव, धार का अमझेरा, चंदेरी का मां जागेश्वरी लोक, पन्ना का श्रीकृष्ण राधा लोक और रायसेन जिले की जमगढ़ पहाड़ियों से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
इस बैठक में संस्कृति राज्य मंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। वहीं मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, शिवशेखर शुक्ला, अनुपम राजन, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।



