मध्य प्रदेशराज्य

कूनो में चीते को गोली मारने के मामले में दो सगे भाई गिरफ्तार, शिकार में इस्तेमाल बंदूक भी बरामद

श्योपुर: मध्य प्रदेश के कूनो क्षेत्र में चीते KNG-22 को गोली मारने के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मुरैना जिले के भगवान सिंह और प्रीतम सिंह के रूप में हुई है। जांच के दौरान दोनों की निशानदेही पर शिकार में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी दो नाली वाली टोपीदार भरमार बंदूक भी बरामद की गई है।

वन विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, पूछताछ में भगवान सिंह ने चीते पर गोली चलाने की बात स्वीकार की है। उसने बताया कि 24 अक्टूबर को वह अपने भाई प्रीतम सिंह के साथ शिकार के इरादे से जंगल में गया था। इसी दौरान चीता दिखाई देने पर उसने अपनी लाइसेंसी बंदूक से उस पर गोली चला दी।

घायल अवस्था में मिला था चीता KNG-22

25 अक्टूबर 2026 को श्योपुर वनमंडल के कक्ष संख्या 748 में नर चीता KNG-22 घायल हालत में मिला था। वन विभाग की टीम ने उसे रेस्क्यू कर इलाज के लिए पहुंचाया। सर्जरी के दौरान उसके शरीर से बंदूक के छर्रे निकाले गए, जिसके बाद गोली लगने का मामला सामने आया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने वन और पुलिस अधिकारियों को शामिल करते हुए चार सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया था। एसटीएफ ने मुखबिर तंत्र सक्रिय करने के साथ डॉग स्क्वॉड की सहायता से जंगल में तलाशी अभियान चलाया। मुरैना पुलिस और श्योपुर-मुरैना वनमंडलों से मिली जानकारियों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया।

भगवान सिंह की गिरफ्तारी के बाद भाई तक पहुंची जांच

जांच के दौरान एसटीएफ ने मुरैना जिले के पहाड़गढ़ तहसील स्थित ग्राम नवलपुरा-बेहरारा निवासी भगवान सिंह को 31 अक्टूबर को गिरफ्तार किया। उसे विजयपुर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दो दिन की वन और पुलिस अभिरक्षा मिली।

पूछताछ में भगवान सिंह ने बताया कि 24 अक्टूबर को वह अपने भाई प्रीतम सिंह के साथ श्योपुर जिले के विजयपुर क्षेत्र में ग्राम नितनवास के पास जंगल में शिकार के लिए मौजूद था। इसी दौरान चीते की हलचल दिखाई देने पर उसने अपनी लाइसेंसी दो नाली वाली टोपीदार भरमार बंदूक से गोली चलाई और वहां से फरार हो गया।

भगवान सिंह से मिली जानकारी के आधार पर एसटीएफ ने मुरैना पुलिस की मदद से उसके भाई प्रीतम सिंह को भी हिरासत में लिया। इसके बाद दोनों आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर उनकी निशानदेही पर मौका शिनाख्त कराई गई। उनकी बताई जगह पर मुरैना वनमंडल के जंगल से कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल बंदूक बरामद की गई।

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई

एसटीएफ ने दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9 और 51 के तहत मामला दर्ज किया है। वन विभाग के मुताबिक, अब तक की जांच में किसी व्यावसायिक अवैध वन्यजीव व्यापार या संगठित वन्यजीव अपराध गिरोह की संलिप्तता सामने नहीं आई है।दोनों आरोपियों को 2 नवंबर को विजयपुर न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की कार्रवाई की जानी है।

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