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गहलोत ने CM भजनलाल शर्मा को दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम! बोले- आरोपों के सबूत दें या सार्वजनिक रूप से मांगें माफी

जयपुर: राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। जोधपुर में मुख्यमंत्री की ओर से लगाए गए आरोपों पर गहलोत ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने भजनलाल शर्मा को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि वे अपने आरोपों के समर्थन में तथ्य और दस्तावेज सार्वजनिक करें या फिर माफी मांगें। गहलोत ने इस दौरान IAS शिखर अग्रवाल से जुड़े विला मामले और अनंता कंपनी को कथित विशेष छूट दिए जाने को लेकर भी मुख्यमंत्री से सवाल पूछे हैं।

गहलोत ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने उनके खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी की और बिना तथ्यों के बयान दिए। पूर्व मुख्यमंत्री के मुताबिक, जोधपुर में उनके बारे में कही गई बातें पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री अपने आरोपों का पूरा विवरण दस्तावेजों के साथ प्रदेश की जनता के सामने रखें। ऐसा नहीं करने पर उन्हें 24 घंटे के भीतर माफी मांगनी चाहिए।

जोधपुर में मुख्यमंत्री ने गहलोत पर लगाए थे आरोप

दरअसल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जोधपुर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि गहलोत किसानों को लूटते थे और उनकी खाद-बीज की दुकान पर नकली सामान बेचा जाता था। मुख्यमंत्री ने पूर्व सीएम पर कई अन्य आरोप भी लगाए थे।

इन बयानों के बाद गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि जोधपुर में मुख्यमंत्री ने बिना तथ्यों के अनर्गल बातें कहीं, जिससे उन्हें पीड़ा पहुंची है। गहलोत ने आरोप लगाया कि उनके बारे में झूठे आरोप लगाकर काल्पनिक कहानी प्रचारित की गई है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भजनलाल शर्मा अपने आरोपों का पूरा विवरण तथ्यों और दस्तावेजों के साथ उन्हें और प्रदेश की जनता को उपलब्ध कराएंगे। ऐसा नहीं होने पर मुख्यमंत्री को 24 घंटे में माफी मांगनी चाहिए।

मुख्यमंत्री पर भाषा की मर्यादा लांघने का आरोप

गहलोत ने मुख्यमंत्री के बयान की भाषा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि अपराधबोध से ग्रसित होकर मुख्यमंत्री बौखला गए हैं और उन्होंने भाषा की मर्यादा की सीमाएं पार कर दी हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि दूसरे गंभीर मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं। उन्होंने इसे प्रदेश की जनता को भ्रमित करने का असफल प्रयास बताया।

अनंता रिसॉर्ट मामले में CM की भूमिका पर उठाए सवाल

गहलोत ने अपने बयान में IAS शिखर अग्रवाल से जुड़े विला मामले को भी उठाया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि मुख्यमंत्री इस मामले में सामने आ रहे आरोपों पर मीडिया के सामने आकर स्थिति स्पष्ट करेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि अनंता कंपनी को विशेष छूट देने का फैसला जिस बोर्ड की बैठक में हुआ, उसके अध्यक्ष खुद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि अनंता रिसॉर्ट को विशेष पैकेज देने के फैसले में उनकी क्या भूमिका थी।

गहलोत ने यह भी पूछा कि जब बोर्ड के फैसले में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता थी, तो उनके अधीन आने वाली एजेंसी इस मामले की निष्पक्ष जांच कैसे कर सकती है?

ACB के बजाय CBI से जांच कराने की मांग

अनंता रिसॉर्ट से जुड़े मामले में गहलोत ने जांच एजेंसी को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री इस मामले की जांच अपने अधीन आने वाली भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को सौंपने के बजाय केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को क्यों नहीं दे रहे हैं।

गहलोत ने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं और उन्हें सार्वजनिक रूप से इनका जवाब देना चाहिए।

टीकाराम जूली ने भी मुख्यमंत्री से मांगी माफी

इस विवाद में राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी अशोक गहलोत का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से माफी मांगने की मांग की है। जूली ने मुख्यमंत्री के बयान को राजस्थान की राजनीति का स्तर गिराने वाला बताया।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अशोक गहलोत का लंबा सार्वजनिक जीवन बेदाग और आदर्शों से परिपूर्ण रहा है। जूली ने दोनों नेताओं के राजनीतिक अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि जब भजनलाल शर्मा ने 2003 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा था और उनकी जमानत जब्त हो गई थी, तब तक गहलोत पांच बार सांसद, तीन बार केंद्रीय मंत्री और राजस्थान के मुख्यमंत्री रह चुके थे।

जूली ने आरोप लगाया कि गहलोत पर लगाए गए मिथ्या आरोप पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव से जुड़े मामले में मिलीभगत के आरोप सामने आने के बाद मुख्यमंत्री की बौखलाहट को दर्शाते हैं। उन्होंने भजनलाल शर्मा से अपने बयान के लिए तत्काल माफी मांगने की मांग की।

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