दिल्ली-NCR में प्रदूषण का खतरनाक विस्फोट! 9 इलाकों में AQI 400 पार, जहरीली हवा से सांस लेना हुआ मुश्किल

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है। शुक्रवार, 6 नवंबर की सुबह राजधानी की हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के सुबह 7 बजे के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 389 रहा। वहीं, राजधानी के 9 इलाकों में प्रदूषण का स्तर 400 के पार पहुंच गया, जहां हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। नोएडा में भी AQI 313 दर्ज हुआ, जबकि गुरुग्राम की हवा भी बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है।
दिल्ली के 9 इलाकों में AQI 400 के पार
राजधानी के कई हिस्सों में प्रदूषण का स्तर बेहद चिंताजनक हो गया है। सुबह के समय कई इलाकों में धुंध और धुएं की मोटी परत छाई नजर आई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सुबह 6 बजे के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता की स्थिति इस प्रकार रही:
- रोहिणी: 473 (गंभीर)
- पंजाबी बाग: 464 (गंभीर)
- आरके पुरम: 441 (गंभीर)
- अलीपुर: 435 (गंभीर)
- सोनिया विहार: 435 (गंभीर)
- ओखला फेज-2: 426 (गंभीर)
- नॉर्थ कैंपस, दिल्ली विश्वविद्यालय: 424 (गंभीर)
- आईटीओ: 420 (गंभीर)
- नजफगढ़: 412 (गंभीर)
- पूसा: 393 (बेहद खराब)
- चांदनी चौक: 386 (बेहद खराब)
- आनंद विहार: 350 (बेहद खराब)
- लोधी रोड: 306 (बेहद खराब)
नोएडा और गुरुग्राम में भी राहत नहीं
दिल्ली के अलावा एनसीआर के दूसरे प्रमुख शहरों में भी प्रदूषण का असर बना हुआ है। नोएडा में सुबह AQI 313 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। गुरुग्राम में भी वायु गुणवत्ता इसी श्रेणी में बनी रही।
आंकड़ों से साफ है कि दिल्ली-एनसीआर के लोगों को फिलहाल प्रदूषण से राहत नहीं मिली है। विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में सर्दी बढ़ने के साथ हवा में प्रदूषक तत्वों का जमाव बढ़ सकता है, जिससे स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।
कितना AQI होने पर खतरनाक मानी जाती है हवा?
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के मुताबिक, वायु गुणवत्ता सूचकांक को छह श्रेणियों में बांटा गया है। इसके जरिए हवा में प्रदूषण के स्तर और उससे जुड़े खतरे का आकलन किया जाता है।
- 0 से 50: अच्छी
- 51 से 100: संतोषजनक
- 101 से 200: मध्यम
- 201 से 300: खराब
- 301 से 400: बेहद खराब
- 401 से 500: गंभीर
जब AQI 400 के पार पहुंच जाता है, तो हवा स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है। इसका असर केवल पहले से सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर ही नहीं, बल्कि स्वस्थ लोगों पर भी पड़ सकता है।
जहरीली हवा से शरीर पर पड़ रहे गंभीर असर
प्रदूषण का बढ़ता स्तर लोगों की सेहत के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है। जहरीली हवा में सांस लेने से लगातार सूखी खांसी, गले में खराश और गला सूखने जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इसके अलावा सामान्य शारीरिक गतिविधियों के दौरान भी सांस लेने में दिक्कत महसूस हो सकती है।
यहां तक कि सीढ़ियां चढ़ने जैसे सामान्य काम के दौरान भी सांस फूलने की समस्या सामने आ सकती है। अस्थमा और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए ऐसी हवा विशेष रूप से खतरनाक हो सकती है। वहीं, लंबे समय तक प्रदूषित वातावरण में रहने से स्वस्थ लोगों की सेहत पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।



