
एंजेंसी/ योग गुरु बाबा रामदेव के छोटे भाई राम भरत भले ही लाइमलाइट से दूर रहते हो लेकिन पतंजलि आयुर्वेद को नहीं ऊंचाईयों तक पहुंचने में उनके योगदान को कम नहीं आंका जा सकता है। बाबा रामदेव पतंजलि आयुर्वेद का चर्चित चेहरा है जबकि उत्पाद के विकास और खोज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आचार्य बाल कृष्ण कंपनी के मैनेजिंग डॉयरेक्टर है।
वहीं, पिछले कई महीनों से 38 वर्षीय राम भरत रोजमर्रा का काम देखते हैं, साथ ही फाइनेंस, मानव संसाधन, उत्पादन, सप्लाई चेन सहित कई डिपॉर्टमेंट की रिपोर्ट बाबा रामदेव और बाल कृष्ण को करते हैं। वास्तव में राम भरत बैंकएंड में कंपनी को संभालते हैं जबकि बाबा रामदेव और बाल कृष्ण ग्रोथ के लिए रणनीति तय करते हैं।
हालाकि पतंजलि की सफलता के लिए राम भरत टीम वर्क को श्रेय देते हैं और खुद को बॉस कहे जाने को अनुपयुक्त समझते हैं। भरत कारोबार के साथ ही शिक्षा और शोध कार्यों से भी जुड़े हुए हैं। करीबियों के बीच भरत भाई के नाम से पहचाने जाने वाले भरत लाइमलाइट से दूर रहते हैं। यह तक कि फोटो खिंचने से भी मना करते हैं।
आचार्य बाल कृष्ण ने कहा यह सही है कि भरत कई विभागों से जुड़े हुए है लेकिन वो बोर्ड के प्रतिनिधि है ना कि सीईओ। उन्होंने कहा कि कंपनी के पास कई प्रोफेसनल्स हैं और हमारी सफलता का राज टीम एफर्ट है।
आपको बता दें कि राम भरत उस वक्त सुर्खियों में आए थे जब उन्हें हरिद्वार की ट्रक यूनियन और पतंजलि फूड एर्बल पार्क के गार्ड्स के बीच टकराव पैदा करने के आरोप में न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।



